यूपी: पहले योगी और फिर डिप्टी सीएम से मिले मोहन भागवत, 2027 का तानाबाना या मामला कुछ और? जानिए सब

RSS Chief Lucknow Visit: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ दौरे पर सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम से अलग-अलग मुलाकात की है। कैबिनेट विस्तार और 2027 चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
mohan bhagwat up visit
सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम से मिले मोहन भागवत, फोटो- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Mohan Bhagwat Uttar Pradesh Visit: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संघ प्रमुख मोहन भागवत के चार दिवसीय प्रवास ने प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीब 40 मिनट की एकांत मंत्रणा के बाद, भागवत ने गुरुवार सुबह दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ भी गोपनीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बिछ रही बिसात माना जा रहा है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 16 से 19 फरवरी तक लखनऊ के दौरे पर हैं। इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुलाकात 18 फरवरी की रात 8 बजे हुई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय पहुंचे। सरस्वती शिशु मंदिर परिसर के एक बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच करीब 35 से 40 मिनट तक बातचीत हुई। हालांकि न तो मुख्यमंत्री कार्यालय और न ही संघ की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया, लेकिन एकांत में हुई इस मुलाकात ने कई सियासी चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

केशव-ब्रजेश के साथ गुटबाजी और समन्वय पर चर्चा

मुख्यमंत्री से मिलने के बाद, गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी अलग-अलग संघ प्रमुख से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं ने करीब 10 से 30 मिनट तक भागवत से बातचीत की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश भाजपा के भीतर 'गुटबाजी' की खबरें अक्सर चर्चा में रहती हैं और दोनों डिप्टी सीएम के मुख्यमंत्री के साथ संबंधों को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में ब्रजेश पाठक द्वारा 'शिखा विवाद' पर दिया गया बयान और बटुकों का सम्मान करना भी इसी सियासी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है।

सपा के PDA फॉर्मूले को भेदने का 'मास्टर प्लान'

संघ का मुख्य फोकस साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी, जिसके कारण यूपी में पार्टी की सीटें कम हुई थीं। सूत्रों के अनुसार, संघ अब 'सामाजिक समरसता' के माध्यम से सपा के इस फॉर्मूले को ध्वस्त करने के एजेंडे पर काम कर रहा है। भागवत की इन मुलाकातों में इसी रणनीति और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है।

संगठन और मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की आहट

उत्तर प्रदेश में जल्द ही भाजपा की नई टीम की घोषणा होनी है और योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की भी चर्चा है। संघ प्रमुख का बार-बार यूपी दौरा और सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात संकेत देती है कि 2027 का ताना-बाना बुनने में संघ परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में संघ की उत्तर प्रदेश इकाई में होने वाले फेरबदल और सरकार के फैसलों पर योगी आदित्यनाथ की कितनी छाप देखने को मिलती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com