250 करोड़ के साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा, आगरा पुलिस ने 25 हजार के इनामी स्क्रैब कारोबारी को दबोचा
Agra Cyber Fraud: आगरा पुलिस ने 250 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड मामले में इनामी स्क्रैब कारोबारी को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी फर्मों के जरिए 53 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ।
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
गिरफ्तार स्क्रैब कारोबारी (सोर्स- फोटो नवभारत)
One Arrested In Agra Cyber Fraud: 250 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड मामले में आगरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी स्क्रैब कारोबारी को गिरफ्तार किया है, जिसके तार देश के सबसे बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के धन को खपाने वाले पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
कबाड़ की आड़ में फर्जी फर्मों का संचालन
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कबाड़ (स्क्रैब) के कारोबार की आड़ में फर्जी फर्मों का संचालन कर रहा था। इन्हीं फर्जी कंपनियों के माध्यम से करीब 53 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। शुरुआती जांच के अनुसार साइबर अपराध से हासिल रकम को विभिन्न बैंक खातों और फर्जी जीएसटी फर्मों के जरिए इधर-उधर भेजकर उसकी वास्तविक पहचान छिपाई जाती थी।
विदेशों तक जुड़े है साइबर फ्रॉड के कनेक्शन
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार देश के कई राज्यों के अलावा विदेशों, विशेषकर अमेरिका तक जुड़े मिले हैं। साइबर ठगी से जुटाई गई रकम को हवाला और फर्जी व्यावसायिक लेनदेन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस को उसकी काफी समय से तलाश थी। आखिरकार उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
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अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर कई अन्य सहयोगियों और फर्जी फर्मों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से 250 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है। साइबर अपराध के जरिए अर्जित काली कमाई को वैध बनाने के इस संगठित नेटवर्क की गहन पड़ताल की जा रही है।
