साइबर ठगी पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: 5 लाख से अधिक की धोखाधड़ी पर तुरंत दर्ज होगी ऑटो ई-जीरो FIR

Pune Cyber Crime: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला 5 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी पर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होते ही पोर्टल और CCTNS के ज़रिए स्वतः 'ई-जीरो FIR' दर्ज होगी।
Central government rolls out auto 'E-Zero FIR' system for cyber fraud cases involving ₹5 lakh or more via 1930 helpline and national cyber reporting portal.
साइबर ठगी (फोटो सोर्स: AI)
Updated on

Pune e-Zero FIR Cyber Fraud: केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब 5 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में सीधे 'ऑटो एफआईआर दर्ज की जाएगी। साइबर अपराध समन्वय केंद्र, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और सीसीटीएनएस के बीच किए गए डिजिटल समन्वय से यह नई व्यवस्था लागू हो रही है। यदि पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करता है तो सिस्टम स्वतः 'ई-जीरो एफआईआर' तैयार कर संबंधित पुलिस थाने को भेज देगा।

शिकायत मिलते ही स्वतः बनेगी एफआईआर

नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई पीड़ित 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराता है और मामला 5 लाख रुपये या उससे अधिक की ठगी का होता है, तो सिस्टम स्वतः ई-जीरो एफआईआर तैयार करेगा। इसके बाद यह एफआईआर संबंधित पुलिस थाने को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए भेज दी जाएगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म का होगा समन्वय

इस नई व्यवस्था के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के बीच डिजिटल समन्वय स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य शिकायत दर्ज होने से लेकर पुलिस कार्रवाई तक की प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है।

पीड़ितों को मिलेगी त्वरित राहत

सरकार का मानना है कि ऑटो ई-जीरो एफआईआर प्रणाली लागू होने से साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कार्रवाई में होने वाली देरी कम होगी। इससे पुलिस को समय रहते जांच शुरू करने और संदिग्ध बैंक खातों या डिजिटल लेनदेन पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था से साइबर अपराधों की जांच अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद है।

Navbharat Live
navbharatlive.com