6 साल तक बंधक बना कर रखा, नागपुर की हिंदू लड़की ने सुनाई अपहरण, यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन की आपबीती
Forced Conversion Nagpur: 16 साल की उम्र में अपहरण के बाद 6 साल तक शारीरिक उत्पीड़न व जबरन धर्म परिवर्तन का मामला। फर्जी पहचान पत्र बनाकर निकाह कराने का आरोप।
- Written By: अनिल सिंह
Nagpur Hindu Minor Girl Forced Conversion: महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। वर्ष 2020 में 16 वर्ष की नाबालिग उम्र में कथित रूप से अपहृत हुई एक हिंदू लड़की ने छह साल बाद पुलिस से संपर्क कर अपने साथ हुए बर्बर शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन की खौफनाक आपबीती सुनाई है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र के जरिए उसकी उम्र और नाम बदलकर जबरन निकाह किया तथा उसे लगातार बंधक बनाकर रखा। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो (POCSO) एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अपहरण, फर्जी पहचान पत्र और जबरन निकाह का आरोप
पीड़िता के अनुसार, यह घटना अगस्त 2020 में मनकापुर-ज़िंगाबाई टाकली इलाके से शुरू हुई थी, जब आरोपी समीर अली ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी ने रिश्ते को कानूनी रूप देने और लड़की को बालिग दिखाने के लिए उसका नाम और उम्र बदलकर एक फर्जी पहचान पत्र (आईडी) तैयार करवाया।
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इसके बाद वर्ष 2021 में आरोपी के परिजनों की मौजूदगी में उसे एक दरगाह ले जाया गया, जहाँ मौलाना द्वारा जबरन उसका निकाह कराया गया। आरोप है कि इस फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल बाद में उसे सरकारी मैटरनिटी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भी किया गया।
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शोषण की साजिश का पर्दाफाश
वर्तमान में चार साल के बच्चे की मां बन चुकी पीड़िता ने बताया कि उसे जबरन कम उम्र में गर्भवती बनाया गया और निरंतर शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि समीर अली और उसके परिवार ने एक सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत उसका शोषण किया तथा जबरन धर्म परिवर्तन कराया।
घटना के इतने सालों बाद किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर पीड़िता ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस की बहुआयामी जांच और कानूनी कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नागपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है। पुलिस टीमें घटनाक्रम की पुष्टि करने, संदिग्ध दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच करने और शादी कराने वाले मौलाना समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने में जुटी हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चूंकि शुरुआती घटना के समय लड़की नाबालिग थी, इसलिए पोक्सो और दस्तावेजों में हेराफेरी (फोर्जरी) की धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस जबरन धर्म परिवर्तन और आपराधिक साजिश के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
