ताजमहल में उर्स पर विवाद, फोटो- सोशल मीडिया
Hindu Mahasabha Agra Protest: उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ बताकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारत हिंदू महासभा ने आगामी उर्स के विरोध में प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी है कि यदि वहां चादरपोशी और कव्वाली हुई, तो परिसर में भगवान शिव का तांडव भी होगा।
आगरा के ताजमहल में आगामी 15, 16 और 17 जनवरी को ‘उर्स’ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसे लेकर दक्षिणपंथी संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ताजमहल परिसर के पास जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के निदेशक को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि इस धार्मिक आयोजन को तुरंत रोका जाए।
हिंदू महासभा ने अपने विरोध के पीछे तर्क दिया है कि ताजमहल में होने वाली किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए पुरातत्व विभाग के पास कोई वैधानिक या ऐतिहासिक आदेश मौजूद नहीं है। महासभा के अनुसार, राजकुमार राजे द्वारा मांगी गई एक जन सूचना (RTI) के जवाब में एएसआई ने पहले ही स्पष्ट किया था कि नमाज या उर्स की अनुमति से संबंधित मुगलकालीन या ब्रिटिशकालीन कोई लिखित आदेश विभाग के पास नहीं है। महासभा का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल स्थानीय निवासियों को शुक्रवार की नमाज की इजाजत दी है, न कि उर्स जैसे कार्यक्रमों की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ बताते हुए पोस्टर चस्पा किए, जिससे मौके पर तनाव व्याप्त हो गया। हिंदू महासभा के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर नियमों के विरुद्ध चादरपोशी या कव्वाली हुई, तो वे वहां शिव तांडव करेंगे। गौरतलब है कि उर्स को रोकने के लिए आगरा न्यायालय में वाद संख्या 63/2024 के तहत मामला पहले से ही लंबित है, जिसकी अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को होनी है।
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उर्स के दौरान तीन दिनों के लिए पर्यटकों का प्रवेश नि:शुल्क रहने की संभावना और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए आगरा प्रशासन ने ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है। ताजगंज और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। एएसआई के अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल ताजमहल के इर्द-गिर्द का माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है।