(डिजाइन फोटो)
BSNL Director Vivek Banjal Show Cause Notice: पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, हमने सेवा में त्रुटि की वजह से अपने घर से बीएसएनएल का लैंडलाइन फोन हटा दिया। वह फोन महीने में 4 दिन काम करता था और 26 दिन डेड रहता था। शिकायत करने पर यदि लाइनमैन आया और दुरुस्ती की तो उसके जाने के बाद डायल टोन भी चली जाती थी। स्मार्टफोन के युग में भी हमने लैंडलाइन फोन इसलिए रखा था क्योंकि बहुत से परिचितों के पास हमारा वही पुराना नंबर था। अब अंबानी के जियो के साथ हम मजे से जी रहे हैं।’
हमने कहा, ‘आपको बीएसएनएल या भारत संचार निगम लिमिटेड के बड़े अधिकारी के ठाठ-बाट पर गौर करना चाहिए। इस सरकारी उपक्रम केकंज्यूमर फिक्स्ड एक्सेस (सीएफए) के डायरेक्टर विवेक बंजल के शाही मिजाज और दबदबे की खबर आपने पढ़ी होगी। उन्होंने 25 व 26 फरवरी को प्रयागराज दौरे पर जाने का प्रोग्राम बनाया और अपनी खातिरदारी से जुड़े निर्देश 50 अधीनस्थ अधिकारियों को जारी कर दिए। उस शाही आदेश में कहा गया था कि बंजल प्रयागराज के पवित्र संगम में स्नान करेंगे फिर बड़े हनुमान मंदिर जाएंगे। स्नान के बाद नए बढ़िया क्वालिटी के अंतर्वस्त्र व टावेल चप्पल, कंघा, तेल की बोतल, आईने की व्यवस्था की जाए। सर्किट हाउस पहुंचने पर सूखा मेवा, फल, टूथपेस्ट ब्रश, शैम्पू, शेविंग किट तैयार मिलना चाहिए। उन्होंने इस तरह के 20 कामों के लिए 50 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित हो सके।’
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पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज अफसरशाही इसे ही कहते हैं। उच्च अधिकारी खुद को किसी राजा से कम नहीं समझते। वह इसी तरह हुक्म चलाते हैं। उन्होंने बाकायदा लिखित आदेश में सारी फरमाइश जारी कर दी। यह बात सोशल मीडिया में चर्चित हो गई। इसके बाद केंद्रीय संचारमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जो खुद ग्वालियर राजघराने के हैं, बंजल के आचरण से हैरान रह गए और उनसे कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब मांगा है। बंजल ने लिखित के अलावा कौन-कौन से मौखिक आदेश दिए थे, यह बीएसएनएल ने नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि अधिकृत दौरे के कुछ नियम हैं जिनके उल्लंघन का मामला हमारे सामने आया है। बीएसएनएल के अधिकारियों व कर्मचारियों को आचारसंहिता का पूरी तरह पालन करना चाहिए।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा