फटे बैग में निकला 'कुबेर का खजाना': केरल में भिखारी की मौत के बाद निकले 4 लाख कैश और सऊदी रियाल, पुलिस दंग

Kerala Beggar Death: केरल के अलाप्पुझा में एक बुजुर्ग भिखारी की मौत के बाद उसके बैग से 4 लाख रुपये से अधिक का कैश और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। पुलिस अब उसके वारिसों की तलाश कर रही है।
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भिखारी के पास से बरामद नोट, फोटो- सोशल मीडिया
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4 Lakh found from Kerala Dead Beggar: केरल के अलाप्पुझा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने गरीबी और अमीरी के बीच की लकीर को धुंधला कर दिया है। भीख मांगकर अपना गुजारा करने वाले एक बुजुर्ग की मौत के बाद जब पुलिस ने उसकी इकलौती संपत्ति यानी उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से लाखों रुपये का 'खजाना' निकला, जिसे देख अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं।

हैरान कर देने वाला यह मामला केरल के अलाप्पुझा जिले के चारुम्मूडु इलाके का है। मृतक की पहचान अनिल किशोर के रूप में हुई है। घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अनिल एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। अनिल रात के अंधेरे में किसी को कुछ बताए बिना अस्पताल से चुपचाप निकल गए।

दुकान के बरामदे में मृत मिला भिखारी

अगले दिन सुबह उनकी तलाश तब खत्म हुई जब वे एक दुकान के बरामदे में मृत पाए गए। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत नूरनाड पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और उनके पास मौजूद एक पुराने, फटे-हाली बैग को जांच के लिए थाने ले आई।

बैग खुला तो पुलिस के उड़े होश: प्लास्टिक के डिब्बों में छिपा था कैश

जब पुलिस ने पंचायत सदस्य की मौजूदगी में अनिल किशोर के बैग की तलाशी लेनी शुरू की, तो जांच टीम के होश उड़ गए। उस फटे-पुराने बैग के अंदर नोटों की कई गड्डियां भरी हुई थीं। पुलिस को बैग के भीतर से 4 लाख रुपये से अधिक के चालू (Legal Tender) नोट बरामद हुए। हैरानी केवल भारतीय मुद्रा तक सीमित नहीं थी। पुलिस को बैग में भारी मात्रा में सऊदी रियाल (Saudi Riyal) जैसी विदेशी मुद्रा और पुराने, बंद हो चुके नोट भी मिले,। अनिल ने यह सारा पैसा बेहद सहेजकर प्लास्टिक के डिब्बों में बंद करके रखा था। जिस बैग को लोग कूड़ा समझ रहे थे, उसमें लाखों रुपये का खजाना छिपा था।

अजीबो-गरीब जीवन: खाने के लिए भी मांगते थे भीख

स्थानीय लोगों के लिए यह खुलासा किसी बड़े झटके से कम नहीं था। लोगों ने बताया कि अनिल अक्सर इलाके में खाने-पीने के लिए भी लोगों के सामने हाथ फैलाते थे। किसी को रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि जो शख्स दो वक्त की रोटी के लिए भीख मांग रहा है, वह वास्तव में लाखों रुपये की नकदी और विदेशी मुद्रा का मालिक है। उनका पहनावा और रहन-सहन उनकी असली आर्थिक स्थिति को पूरी तरह छिपाए हुए था।

परिजनों की तलाश और कानूनी प्रक्रिया

पुलिस के अनुसार, अनिल किशोर ने अस्पताल में भर्ती होते समय अपना पता थाइपरम्बिल, कायमकुलम लिखवाया था। वर्तमान में नूरनाड पुलिस उनके बताए गए पते पर संपर्क करने और उनके परिजनों या रिश्तेदारों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

केरल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अनिल किशोर का कोई वैध उत्तराधिकारी या रिश्तेदार सामने नहीं आता है, तो उनके पास से मिली पूरी नकदी और विदेशी मुद्रा को अदालत के सुपुर्द कर दिया जाएगा। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक व्यक्ति ने अपनी पूरी जिंदगी अभावों में काट दी, जबकि उसके पास आरामदेह जीवन जीने के लिए पर्याप्त साधन मौजूद थे।

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