आधार कार्ड पर बड़ा अपडेट! UIDAI ने साफ कहा- आधार कार्ड जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है
Aadhaar Card Update : UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड पहचान और पते का प्रमाण है, लेकिन इसे जन्मतिथि के वैध प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
- Written By: हितेश तिवारी
आधार कार्ड अपडेट (फोटो - गूगल इमेज)
Aadhaar Identity Proof : आधार कार्ड रखने वालों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने साफ किया है कि आधार कार्ड को डेट ऑफ बर्थ यानी जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
UIDAI ने कहा कि आधार कार्ड मुख्य रूप से किसी व्यक्ति की पहचान सत्यापित करने के लिए बनाया गया है, न कि उसकी जन्मतिथि साबित करने के लिए। हालांकि आधार कार्ड में जन्मतिथि दर्ज होती है, लेकिन इसे आधिकारिक जन्मतिथि प्रमाणपत्र नहीं माना जा सकता।
आधार कार्ड अब डेट ऑफ बर्थ का प्रमाण नहीं
UIDAI के अनुसार आधार में दर्ज जन्मतिथि अक्सर नामांकन या अपडेट के समय व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जोड़ी जाती है। कई मामलों में यदि कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता, तो उम्र के अनुमान के आधार पर जन्म वर्ष दर्ज किया जाता है।
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इसके बाद सिस्टम उस वर्ष की 1 जनवरी को डिफॉल्ट जन्मतिथि के रूप में दर्ज कर देता है। यही वजह है कि आधार में दर्ज तारीख हर स्थिति में प्रमाणिक जन्मतिथि नहीं मानी जा सकती। जन्मतिथि के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या सरकारी अधिकारी द्वारा जारी दस्तावेज ज्यादा मान्य माने जाएंगे।
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आधार के बजाय अन्य वैध दस्तावेज देना होगा
UIDAI ने यह भी कहा कि आधार कार्ड केवल यह पुष्टि करता है कि कार्ड दिखाने वाला व्यक्ति वही है, जिसने बायोमेट्रिक और जरूरी जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन कराया था। सफल ऑथेंटिकेशन से पहचान स्थापित होती है, लेकिन जन्मतिथि जैसी अन्य जानकारियों का सत्यापन नहीं होता।
हालांकि आधार कार्ड के सभी रूप जैसे फिजिकल कार्ड, ई-आधार, मास्क्ड आधार, ऑफलाइन XML और QR कोड को पहचान और पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में यदि किसी काम के लिए DOB प्रूफ मांगा जाए, तो आधार के बजाय अन्य वैध दस्तावेज देना बेहतर रहेगा।
