8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से सैलरी में बंपर उछाल, जानिए 3.83 फिटमेंट का असली गणित
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी तय करने के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। जानिए कैसे डीए और डीआर के साथ लाखों कर्मचारियों का वेतन बहुत बढ़ेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
आठवां वेतन आयोग (सोर्स-सोशल मीडिया)
8th Pay Commission Expected Salary Hike: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब पूरी तरह से नए वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। हाल ही में सरकार ने इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस को अपनी मंजूरी देकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सभी कर्मचारी यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस नए आयोग के लागू होने से वेतन में कितना बड़ा उछाल आएगा। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि इस बार वेतन वृद्धि केवल महंगाई को कवर करने तक सीमित न रहे बल्कि एक बड़ी बढ़ोतरी मिले।
सैलरी के इस पूरे नए समीकरण और गणित को अच्छी तरह से समझने के लिए आपको मुख्य रूप से तीन चीजों को समझना होगा। इनमें पहला डीए यानी महंगाई भत्ता, दूसरा डीआर यानी महंगाई राहत और तीसरा सबसे अहम हिस्सा फिटमेंट फैक्टर है। महंगाई भत्ता मौजूदा कर्मचारियों के लिए होता है जबकि महंगाई राहत का सीधा फायदा पेंशन का लाभ ले रहे लोगों को मिलता है। इन दोनों को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के नए आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार पूरी तरह से अपडेट किया जाता है।
भत्ते से मिलती है महंगाई से राहत
अप्रैल 2026 में सरकार ने डीए और डीआर को दो फीसदी बढ़ाकर बेसिक पे का 60 फीसदी कर दिया था। लगातार बढ़ती रिटेल महंगाई दर के बीच डीए और डीआर मिडिल क्लास परिवारों के महीने के बजट को बड़ा सहारा देते हैं। हालांकि वेतन में असली उछाल या बंपर हाइक लाने में इस महंगाई भत्ते का कोई भी बहुत बड़ा असर नहीं होता है। वेतन में जबरदस्त और छप्परफाड़ बढ़ोतरी लाने का मुख्य काम केवल फिटमेंट फैक्टर के जरिए ही तय किया जाता है।
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फिटमेंट फैक्टर का असली गणित
फिटमेंट फैक्टर ही वह सबसे अहम मल्टीप्लायर है जिससे पुरानी बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक पे तय की जाती है। सातवें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था जिससे न्यूनतम सैलरी 7 हजार से बढ़कर 18 हजार हो गई थी। अब आठवें वेतन आयोग के लिए कई बड़े कर्मचारी संगठनों ने सरकार से 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की बहुत प्रमुख मांग रखी है। अगर सरकार इस बड़ी मांग को मान लेती है तो लाखों कर्मचारियों का पूरा सैलरी स्ट्रक्चर एक झटके में पूरी तरह बदल जाएगा।
लेवल के हिसाब से ऐसे बढ़ेगा वेतन
लेवल 1 के शुरुआती कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक पे अभी के समय में 18 हजार रुपये तय की गई है। 3.83 फिटमेंट फैक्टर के लागू होने पर इन कर्मचारियों की बेसिक पे सीधे उछलकर 69 हजार रुपये तक आसानी से जा सकती है। लेवल 10 के अफसरों की न्यूनतम बेसिक पे अभी 56,100 रुपये है जो 2.15 लाख रुपये के स्तर तक आराम से पहुंच सकती है। इसी तरह लेवल 18 के टॉप अफसरों की 2.5 लाख रुपये की बेसिक पे बढ़कर 9.6 लाख रुपये पर पहुंच जाएगी।
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कब तक मिलेगा इस योजना का लाभ?
सरकार ने नवंबर 2025 में इस नए आयोग का गठन किया था और इसे काम पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। आयोग को अपनी पूरी विस्तृत रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपनी है जिसके लिए अहम बैठकें लगातार जारी हैं। पिछले रिकॉर्ड्स को देखें तो इस आयोग की महत्वपूर्ण सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने में 2029 तक का समय लग सकता है। हालांकि यह पूरी तरह तय है कि कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लागू होने की तारीख तक का पूरा एरियर दिया जाएगा।
