
सुकन्या समृद्धि योजना (सोर्स-सोशल मीडिया)
Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rates 2026: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश करने वाले माता-पिता के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों की घोषणा कर दी है, जिससे निवेशकों की उत्सुकता बढ़ गई है। सरकार ने इस तिमाही के लिए ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है, जो उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबी अवधि के मुनाफे की तलाश में हैं। इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और विवाह के लिए एक बड़ा फंड तैयार करना है, जो आज भी बचत के सर्वोत्तम विकल्पों में से एक है।
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर 8.2% सालाना पर बरकरार रहेगी और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को लिया गया था, जिसमें अन्य छोटी बचत योजनाओं की समीक्षा भी की गई थी। 1 अप्रैल 2024 के बाद से इस योजना की दरों में लगातार स्थिरता बनी हुई है जो निवेशकों को एक निश्चित रिटर्न का भरोसा देती है।
सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाला 8.2% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज वर्तमान समय में देश के अधिकांश बड़े बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों से काफी अधिक है। सालाना आधार पर कंपाउंडिंग होने के कारण इसमें निवेश की गई राशि समय के साथ तेजी से बढ़ती है और मैच्योरिटी पर एक बड़ा फंड तैयार होता है। यही कारण है कि सुरक्षित निवेश चाहने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के बीच यह योजना पहली पसंद बनी हुई है।
इस योजना के तहत खाता केवल 10 साल से कम उम्र की बालिकाओं के नाम पर उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों द्वारा ही खोला जा सकता है। एक परिवार में सामान्य तौर पर अधिकतम दो बेटियों के लिए ही अलग-अलग खाते खोलने की अनुमति दी गई है। हालांकि, अगर जुड़वां या तीन बच्चियां एक साथ जन्म लेती हैं, तो विशेष प्रमाण पत्र के आधार पर दो से अधिक खाते भी खोले जा सकते हैं।
केंद्र सरकार SSY और PPF जैसी योजनाओं की ब्याज दरें सेकेंडरी मार्केट में सरकारी बॉन्ड (G-Sec) की यील्ड के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर हर तिमाही में तय करती है। सरकारी बॉन्ड की यील्ड में वर्तमान स्थिरता के कारण ही सुकन्या समृद्धि योजना की दरों को इस बार भी नहीं छेड़ा गया है। इससे निवेशकों को बिना किसी जोखिम के बाजार की तुलना में अधिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
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बच्ची के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक इस खाते का संचालन अभिभावकों द्वारा किया जाता है, जिसके बाद मालिकाना हक बालिका को मिल जाता है। यह योजना न केवल उच्च ब्याज देती है, बल्कि आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी प्रदान करती है। उच्च शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्चों के लिए यह योजना भारतीय परिवारों के लिए एक मजबूत वित्तीय स्तंभ साबित हो रही है।






