आयकर विभाग का 'Nudge' मैसेज, 31 दिसंबर तक Revised ITR भरना क्यों है जरूरी?

Income Tax Nudge Message 2025: आयकर विभाग के 'Nudge' मैसेज को इग्नोर न करें। गलतियों को सुधारने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड ITR जरूर भरें, जुर्माने के साथ रिफंड भी हमेशा के लिए अटक सकता है।
Income Tax Alert: Who Needs to File Revised ITR by Dec 31? Step-by-Step Guide
रिवाइज्ड ITR फिलिंग (सोर्स-सोशल मीडिया)
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How to file Revised ITR by December 31: आयकर विभाग ने हाल ही में हजारों करदाताओं को 'नज' (Nudge) मैसेज भेजकर सतर्क किया है, जिससे लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है। यह संदेश उन करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है जिनके द्वारा दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (ITR) और विभाग के पास मौजूद डेटा (AIS/TIS) के बीच गलतियां पाई गई हैं।

अगर आपको भी ऐसा कोई ईमेल या एसएमएस मिला है, तो 31 दिसंबर 2025 की समयसीमा आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तिथि के बाद आप अपने रिटर्न में सुधार नहीं कर पाएंगे, जिसका सीधा असर आपके अटके हुए रिफंड और भविष्य की कानूनी कार्रवाइयों पर पड़ सकता है।

आयकर विभाग का 'नज' (Nudge) कैंपेन क्या है?

आयकर विभाग का यह अभियान दंडात्मक नहीं, बल्कि एक 'परामर्श' (Advisory) पहल है। विभाग डेटा एनालिटिक्स के जरिए यह पहचान कर रहा है कि किन करदाताओं ने अत्यधिक या अपात्र टैक्स छूट का दावा किया है। जब विभाग के वार्षिक सूचना विवरण (AIS) और आपके द्वारा भरे गए फॉर्म के आंकड़ों में अंतर दिखता है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से रिफंड रोक देता है और आपको सूचित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य करदाताओं को स्वेच्छा से अपनी गलती सुधारने का मौका देना है ताकि मामला आगे की जांच (Scrutiny) तक न पहुंचे।

किन्हें भरना होगा रिवाइज्ड ITR?

संशोधित रिटर्न (Revised ITR) केवल उन लोगों को भरना है जिनके रिटर्न में वास्तविक गलतियां हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित 4 श्रेणियों के लोगों को ध्यान देने की जरूरत है-

  • अपात्र कटौती का दावा: अगर आपने धारा 80C, 80D या HRA की ऐसी छूट ली है जिसके दस्तावेज आपके पास नहीं हैं या जो आपके फॉर्म-16 में दर्ज नहीं थे।
  • राजनीतिक चंदा (Donations): ऐसी संस्थाओं या राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे का दावा, जो आयकर नियमों के तहत मान्यता प्राप्त नहीं हैं।
  • डेटा मिसमैच: आपकी आय, बैंक ब्याज या शेयर बाजार से हुई कमाई अगर AIS में ज्यादा है और रिटर्न में कम दिखाई गई है।
  • विदेशी संपत्ति: अगर आपकी कोई विदेशी आय या संपत्ति है जिसका खुलासा आपने मूल रिटर्न में नहीं किया था।

31 दिसंबर की डेडलाइन और देरी के परिणाम

आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिवाइज्ड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 है। अगर आप इस तारीख तक सुधार नहीं करते हैं, तो-

  • रिफंड में देरी: आपका रिफंड तब तक अटका रहेगा जब तक गलती में सुधार नहीं हो जाता।
  • आईटीआर-यू (ITR-U): 1 जनवरी 2026 के बाद केवल 'अपडेटेड रिटर्न' भरा जा सकेगा, जिसमें बकाया टैक्स पर 25% से 50% तक अतिरिक्त जुर्माना देना होगा।
  • कानूनी नोटिस: विभाग आपके मामले को विस्तृत जांच के लिए चुन सकता है, जिससे भारी पेनाल्टी और मुकदमेबाजी का जोखिम बढ़ जाता है।

रिवाइज्ड ITR ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया (Step-by-Step)

  • लॉगिन करें: आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल (www.incometax.gov.in) पर अपने पैन और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें।
  • ई-फाइल मेन्यू: ‘e-File’ > ‘Income Tax Return’ > ‘File Income Tax Return’ पर क्लिक करें।
  • विवरण चुनें: आकलन वर्ष (2025-26) और फाइलिंग मोड 'Online' चुनें।
  • सेक्शन का चुनाव: ‘Filing Section’ में जाकर Section 139(5) (Revised Return) को सेलेक्ट करें।
  • मूल रसीद संख्या: अपने पुराने (Original) ITR की पावती संख्या (Acknowledgement Number) और फाइलिंग की तारीख दर्ज करें।
  • डेटा अपडेट: फॉर्म में आवश्यक सुधार करें (जैसे कम दिखाई गई आय जोड़ना या गलत कटौती हटाना)।
  • सत्यापन (Verification): सुधार के बाद रिटर्न सबमिट करें और ई-वेरिफिकेशन (आधार OTP या EVC के जरिए) जरूर पूरा करें।

अगर आपके सभी दावे सही हैं और आपके पास पुख्ता सबूत हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में रिफंड देरी से ही सही, लेकिन सत्यापन के बाद जारी कर दिया जाएगा। सही समय पर पारदर्शिता दिखाना ही आपको भविष्य की आयकर परेशानियों से बचा सकता है।

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