PM Rahat Scheme: पीएम मोदी का बड़ा फैसला, सड़क हादसे के पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

Road Accident Treatment: प्रधानमंत्री ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 'पीएम राहत' योजना शुरू की है। इसके तहत 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज और 7 दिनों तक मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
PM Rahat Scheme Launched: Cashless Treatment Up To Rs 1.5 Lakh For Road Accident Victims
प्रधानमंत्री ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 'पीएम राहत' योजना शुरू की (सोर्स-सोशल मीडिया)
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The PM Rahat Relief Scheme For Immediate Medical Assistance: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेवा तीर्थ' भवन में शिफ्ट होने के बाद अपना पहला बड़ा फैसला लेते हुए ‘पीएम राहत स्कीम' की इस कल्याणकारी योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना देश में सड़क हादसों के दौरान होने वाली मौतों को कम करने और घायलों को समय पर उपचार देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। सरकार का मुख्य उद्देश्य मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए नागरिकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य का एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करना है।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य

प्रधानमंत्री कार्यालय के नए भवन 'सेवा तीर्थ' में कामकाज संभालने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने 'पीएम राहत' योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को बिना किसी आर्थिक चिंता के तत्काल और बेहतर चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करना है। सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार यह फैसला सरकार के सेवा, करुणा और सुरक्षा के दृष्टिकोण को बहुत मजबूती से समाज के सामने प्रदर्शित करता है।

कैशलेस इलाज और वित्तीय सहायता

इस नई स्वास्थ्य योजना के तहत सड़क हादसे का शिकार होने वाले किसी भी पात्र व्यक्ति को अस्पताल में 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। यह कैशलेस उपचार की सुविधा दुर्घटना की तारीख से अगले 7 दिनों की अवधि तक पूरी तरह मान्य रहेगी ताकि घायल को राहत मिल सके। मंत्रालय ने बताया कि हादसे के शुरुआती एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर में इलाज मिलने से करीब 50 प्रतिशत मौतों को आसानी से रोका जा सकता है।

आपातकालीन सहायता और हेल्पलाइन

गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए प्राथमिक उपचार की यह विशेष सुविधा 48 घंटे तक और कम गंभीर मामलों में 24 घंटे तक उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति या वहां मौजूद राहगीर तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके मदद मांग सकते हैं। इस टोल-फ्री नंबर के माध्यम से नजदीकी अस्पताल और एम्बुलेंस की सटीक जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है जिससे समय की काफी बचत होगी।

तेज समन्वय और जीवन रक्षा

मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार आपातकालीन रिस्पांस सिस्टम के तहत पुलिस, अस्पताल और एम्बुलेंस टीम के बीच अब और भी तेज समन्वय स्थापित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि समय पर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने से हर साल हजारों लोगों की कीमती जान बचाई जा सकती है जो वर्तमान में देरी के कारण चली जाती है। यह योजना विशेष रूप से उन कमजोर नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी जो निजी अस्पतालों के महंगे खर्च वहन करने में पूरी तरह असमर्थ होते हैं।

मंत्रालय की स्टडी और सकारात्मक प्रभाव

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी स्टडी का जिक्र करते हुए कहा है कि भारत में सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा कम करना एक बड़ी चुनौती है। 'पीएम राहत' योजना के प्रभावी कार्यान्वयन से अब अस्पतालों को घायलों के इलाज के लिए कागजी कार्रवाई या पैसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। त्वरित उपचार मिलने से न केवल मृत्यु दर में कमी आएगी बल्कि पीड़ितों के परिवारों को भी एक बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत प्राप्त होगी।

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