मृत्यु के बाद आधार कार्ड डिएक्टिवेट कराना जरूरी है, इसे ऑनलाइन आसानी से किया जा सकता है। (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
Deactivate Aadhaar After Death : आज के समय में आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक बन चुका है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और पहचान से जुड़े लगभग हर काम में इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार कार्ड सक्रिय रखना जोखिम भरा हो सकता है।
Unique Identification Authority of India (UIDAI) के मुताबिक, मृत्यु के बाद आधार कार्ड को डिएक्टिवेट कराना बेहद जरूरी है, ताकि उसका गलत इस्तेमाल- जैसे फर्जी सब्सिडी लेना, पेंशन निकालना या बैंक फ्रॉड-रोका जा सके।
अब आधार डिएक्टिवेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है, जिससे परिवार के सदस्य आसानी से इसे पूरा कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले मृत व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी होता है, क्योंकि उसमें दिया गया डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर आगे काम आता है।
इसके बाद MyAadhaar पोर्टल पर जाकर लॉगिन करना होता है और ‘Report Death of a Family Member’ विकल्प चुनना होता है। यहां मृत व्यक्ति की जानकारी जैसे आधार नंबर, नाम और डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर भरना होता है। इसके बाद OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए पहचान सत्यापित कर रिक्वेस्ट सबमिट की जा सकती है।
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आधार कार्ड डिएक्टिवेशन का स्टेटस भी आसानी से चेक किया जा सकता है। इसके लिए MyAadhaar पोर्टल पर ‘Check Deceased Aadhaar Deactivation Status’ विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
वहीं, जो लोग ऑफलाइन तरीका अपनाना चाहते हैं, वे नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत उपयोग से बचा जा सके।