आम आदमी की चांदी! लहसुन, प्याज और दालों की कीमतों में भारी गिरावट; जनवरी में 2.75% रही खुदरा महंगाई

Consumer Price Index: देश में जिन पांच राज्यों में जनवरी में महंगाई दर सबसे अधिक रही है, उनमें तेलंगाना 4.92%, केरल 3.67%, तमिलनाडु 3.36%, राजस्थान 3.17% और कर्नाटक 2.99% शामिल थे।
retail inflation rate january 2026
सब्जी मंड़ी में कारोबारी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Retail Inflation Rate January 2026: भारत में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर जनवरी 2026 में सालाना आधार पर 2.75 प्रतिशत रही है। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई। बेस ईयर में बदलाव के बाद खुदरा महंगाई दर के यह पहले आंकड़े हैं। सरकार की ओर से बेस ईयर को बदलकर 2024 कर दिया गया है, जो कि पहले 2012 था। दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 1.33 प्रतिशत थी। हालांकि, यह पुराने बेस ईयर 2012 पर आधारित थी।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 2.73 प्रतिशत रही है और शहरी इलाकों में 2.77 प्रतिशत थी। वहीं, खाद्य महंगाई दर जनवरी में 2.13 प्रतिशत रही है। यह ग्रामीण इलाकों में 1.96 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 2.44 प्रतिशत रही है।

सब्जी और दाल की कीमतों में गिरावट

आंकड़ों में मुताबिक, जनवरी में सालाना आधार पर लहसुन की कीमत 53.05 प्रतिशत, प्याज की कीमत 29.27 प्रतिशत, आलू की कीमत 28.98 प्रतिशत, अरहर की कीमत 24.90 प्रतिशत और मटर की कीमत 15.56 प्रतिशत कम हुई है। दूसरी तरफ, जनवरी में सालाना आधार पर चांदी की ज्वेलरी 159.67 प्रतिशत, टमाटर 64.80 प्रतिशत, कोपरा 47.18 प्रतिशत, सोने/हीरे/प्लेटिनम की ज्वेलरी 46.77 प्रतिशत और नारियल तेल की कीमतें 40.44 प्रतिशत बढ़ी हैं।

पान/तंबाकू जैसे उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी

मंत्रालय के रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में सालाना आधार पर कपड़ों और जूतों की कीमतें 2.98 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाओं का दाम 2.19 प्रतिशत, ट्रांसपोर्ट की कीमत 0.09 प्रतिशत, पान/तंबाकू जैसे उत्पादों की कीमतें 2.86 प्रतिशत; आवासीय, पानी, बिजली और अन्य ईंधनों की कीमतें 1.53 प्रतिशत बढ़ी हैं।

इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई

देश में जिन पांच राज्यों में जनवरी में महंगाई दर सबसे अधिक रही है, उनमें तेलंगाना (4.92 प्रतिशत), केरल (3.67 प्रतिशत), तमिलनाडु (3.36 प्रतिशत), राजस्थान (3.17 प्रतिशत) और कर्नाटक (2.99 प्रतिशत) शामिल थे। सरकार ने बयान में कहा कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय बेस 2024=100 के साथ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) जारी कर रहा है। आइटम बास्केट और संबंधित भार घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 पर आधारित हैं।

मुद्रास्फीति माप के कवरेज और प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए यह अभ्यास किया गया है। संशोधन अधिक विस्तृत डेटा पेश करता है जो नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों और नागरिकों को सटीक डेटा-संचालित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com