गोल्ड लोन लेने से पहले सावधान: आसान दिखने वाला लोन बन सकता है महंगा सौदा
Gold Loan Risks : गोल्ड लोन लेने से पहले उसकी शर्तों और छिपे खर्चों को समझना जरूरी है, वरना नुकसान हो सकता है। गोल्ड लोन लेते समय सभी शर्तों को ध्यान से समझना और अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार ही लें।
- Written By: हितेश तिवारी
गोल्ड लोन लेते समय सभी शर्तों को ध्यान से समझें। (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
RBI Gold Loan Rules : जब अचानक पैसों की जरूरत होती है, तो गोल्ड लोन एक आसान और तेज विकल्प माना जाता है। इसमें कम समय में नकद राशि मिल जाती है, जिससे लोग इसे सुरक्षित और सुविधाजनक समझते हैं।
लेकिन इस आसान प्रक्रिया के पीछे कुछ ऐसे जोखिम भी छिपे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना आगे चलकर भारी पड़ सकता है। इसलिए गोल्ड लोन लेने से पहले इसके नियम और शर्तों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है।
गोल्ड लोन से पहले ध्यान रखें यह बातें
सबसे बड़ा जोखिम भुगतान में चूक से जुड़ा होता है। कई लोन स्कीम्स में शुरुआत में सिर्फ ब्याज चुकाना होता है और अंत में पूरी मूल राशि एक साथ लौटानी पड़ती है। ऐसे में कई बार लोग आखिरी समय पर बड़ी रकम का इंतजाम नहीं कर पाते।
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यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो लेंडर को गिरवी रखे सोने की नीलामी करने का अधिकार होता है। नीलामी के बाद बची राशि भले ही वापस मिल जाए, लेकिन आपका सोना हमेशा के लिए चला जाता है, जिससे भावनात्मक और आर्थिक दोनों नुकसान हो सकता है।
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गोल्ड के रेट गिरने पर हो सकता है नुकसान
इसके अलावा, जो ब्याज दर शुरुआत में कम दिखाई देती है, वह पूरी लागत नहीं होती। प्रोसेसिंग फीस, गोल्ड वैल्यूएशन चार्ज और अन्य छिपे हुए खर्च कुल लागत को बढ़ा देते हैं। कुछ मामलों में कंपाउंडिंग का असर भी जुड़ जाता है, जिससे गोल्ड लोन महंगा हो सकता है।
साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार गोल्ड के मूल्य का केवल 75% तक ही लोन मिलता है। अगर सोने की कीमत घटती है, तो बैंक अतिरिक्त मार्जिन मांग सकता है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त पैसा या सोना न देने पर गिरवी रखा गोल्ड जोखिम में आ सकता है। इसलिए गोल्ड लोन लेते समय सभी शर्तों को ध्यान से समझना और अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार ही निर्णय लेना जरूरी है।
