प्लॉट खरीदने से पहले ये 5 दस्तावेज जरूर जांचें, वरना मेहनत की कमाई में हो सकता है बड़ा नुकसान
Property Document Check: जमीन खरीदने से पहले मदर डीड, ईसी और म्यूटेशन रिकॉर्ड जैसे 5 जरूरी कागजात जरूर चेक करें ताकि आप किसी भी तरह की कानूनी धोखाधड़ी से बच सकें और आपका निवेश सुरक्षित रहे।
- Written By: प्रिया सिंह
प्लॉट खरीदने से पहले ये 5 जरूरी दस्तावेज (सोर्स-सोशल मीडिया)
Essential Documents For Buying Land: अपना खुद का घर बनाने का सपना हर किसी का होता है और इसके लिए लोग अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी लगा देते हैं। अक्सर लोग अच्छी लोकेशन और सस्ती कीमत के लालच में बिना कागजों की जांच किए जमीन खरीदने का बड़ा फैसला ले लेते हैं। लेकिन यही जल्दबाजी बाद में कोर्ट-कचहरी और कानूनी विवादों का कारण बन जाती है जिससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए निवेश करने से पहले जमीन के असली मालिक और उससे जुड़े सरकारी दस्तावेजों की बारीकी से जांच करना बेहद अनिवार्य है।
मदर डीड और मालिकाना हक की जांच
सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप जिससे जमीन खरीद रहे हैं, वही व्यक्ति उस संपत्ति का असली और कानूनी मालिक है। इसके लिए जमीन की पिछली कड़ियों यानी मदर डीड और पुराने सेल डीड को बहुत ध्यान से पढ़ना और समझना चाहिए। इनसे पता चलता है कि मालिकाना हक समय के साथ कैसे बदला है और अगर दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी हो तो उसे तुरंत पहचानें।
एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और म्यूटेशन रिकॉर्ड
एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट यानी ईसी से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि उस जमीन पर कोई बैंक लोन या कानूनी विवाद तो नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले 10 से 30 सालों का ईसी निकलवाना चाहिए ताकि जमीन पूरी तरह साफ और विवाद मुक्त नजर आए। साथ ही सरकारी राजस्व रिकॉर्ड जैसे खसरा-खतौनी और म्यूटेशन की जांच करें कि वर्तमान में जमीन किसके नाम पर दर्ज है।
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लैंड यूज और एनए प्रमाण पत्र
जमीन खरीदने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह कृषि भूमि है या उसे रिहायशी इस्तेमाल के लिए पहले ही बदला जा चुका है। अगर आप खेती की जमीन पर अपना मकान बनाना चाहते हैं, तो उसे नॉन-एग्रीकल्चरल यानी एनए में बदलना कानूनी रूप से आवश्यक होता है। बिना अनुमति के ऐसी जमीनों पर निर्माण करना अवैध माना जा सकता है, इसलिए हमेशा संबंधित विभाग से मंजूरी के कागज जरूर देखें।
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ऑनलाइन वेरिफिकेशन और कानूनी सलाह
आजकल कई राज्यों में जमीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनका मिलान आप सर्वे नंबर और मालिक के नाम से आसानी से कर सकते हैं। लेकिन केवल ऑनलाइन जानकारी पर भरोसा न करें और कार्यालय जाकर असली दस्तावेजों की भौतिक रूप से जांच करना भी बहुत जरूरी है। अंत में किसी अनुभवी प्रॉपर्टी वकील से सलाह लेना फायदेमंद रहता है क्योंकि वे बारीकियों को पकड़कर आपको भविष्य के विवादों से बचा सकते हैं।
