Mysterious Temples: भारत में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जिनसे जुड़े रहस्य आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। कहीं खंभा जमीन से बिना सहारे झूलता है तो कहीं मूर्तियों और संरचनाओं के आगे विज्ञान भी जवाब ढूंढता नजर आता है।
रहस्यमयी भारतीय मंदिर (सौ. एआई)

भारत को आस्था और अध्यात्म की भूमि कहा जाता है लेकिन यहां कुछ मंदिर ऐसे हैं जो अपनी वास्तुकला और चमत्कार से लोगों को हैरान कर देते हैं। भारत के कोने-कोने में प्राचीन मंदिर स्थापित हैं लेकिन इनमें से कुछ ऐसे हैं जहां पर प्रकृति के नियम और आधुनिक इंजीनियरिंग के तर्क भी काम नहीं आते हैं।

आंध्र प्रदेश का लेपाक्षी मंदिर काफी अनोखा है। विजयनगर साम्राज्य की वास्तुकला का बेजोड़ नमूना, लेपाक्षी मंदिर अपने 'झूलते हुए खंभे' के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ के 70 खंभों में से एक खंभा जमीन को नहीं छूता। श्रद्धालु अक्सर इसके नीचे से कपड़ा या कागज निकालकर देखते हैं। कई शोधों के बाद भी इंजीनियर यह नहीं समझ पाए कि बिना आधार के यह विशाल पत्थर का खंभा छत से कैसे टिका हुआ है।

स्तंभेश्वर महादेव गुजरात के कवि कंबोई में स्थित है। यह मंदिर दिन में दो बार अपनी आंखों के सामने से ओझल हो जाता है। खंभात की खाड़ी के किनारे बसा यह मंदिर समुद्र के ज्वार (High Tide) के समय पूरी तरह पानी में डूब जाता है और ज्वार उतरने पर फिर से प्रकट होता है। श्रद्धालु इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए घंटों इंतजार करते हैं।

राजस्थान का करणी माता मंदिर काफी रहस्यमयी है। बीकानेर के पास स्थित इस मंदिर में करीब 25,000 काले चूहे रहते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि चूहों की इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद यहां कभी कोई महामारी नहीं फैली और न ही यहाँ कभी चूहों की बदबू आती है। इन चूहों का जूठा प्रसाद ही भक्तों को दिया जाता है, जिसे बेहद पवित्र माना जाता है।

हिमाचल प्रदेश में स्थित ज्वाला देवी मंदिर कांगड़ा घाटी में स्थित है। इस मंदिर में नौ ज्वालाएं सदियों से बिना किसी तेल, बाती या ईंधन के लगातार जल रही हैं। कहा जाता है कि अकबर ने इन ज्वालाओं को बुझाने की कोशिश की थी लेकिन वह नाकाम रहा। जमीन के नीचे किसी गैस के स्रोत का पता लगाने के लिए कई वैज्ञानिक शोध हुए लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

राजस्थान का ओम बन्ना धाम मंदिर जोधपुर-पाली हाईवे पर स्थित है। इस मंदिर में किसी देवता की नहीं बल्कि एक 350cc बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा होती है। मान्यता है कि एक दुर्घटना के बाद पुलिस जब भी इस बाइक को थाने ले जाती वह अपने आप रात में दुर्घटना स्थल पर वापस लौट आती थी। तब से लोग इसे बुलेट बाबा के रूप में पूजते हैं।






