बिहार के कहलगांव स्थित पर्यटन स्थल। इमेज-सोशल मीडिया
Kahlagaon Bihar Tourist Place: बिहार का जिक्र आते ही अक्सर लोगों के जेहन में इतिहास या खेती-किसानी की तस्वीरें उभरती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार के सीने में एक ऐसा आइलैंड छिपा है, जिसे देखकर आपको थाईलैंड या वियतनाम के समंदर के बीच बनी चट्टानों की याद आ जाएगी?
भागलपुर जिले के कहलगांव में गंगा के बीचों-बीच स्थित ये चट्टानी पहाड़ियां इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रही हैं। इसे बिहार का गुप्त खजाना कहें तो गलत नहीं होगा।
कहलगांव के राजघाट से जब आप गंगा की लहरों को देखते हैं, तो पानी के बीच से सिर उठाए तीन विशाल चट्टानें नजर आती हैं। इन तीनों पहाड़ियों का अपना अलग मिजाज और नाम है। शांति बाबा पहाड़ी (पूर्व में बुद्ध आश्रम), बंगाली बाबा पहाड़ी (पूर्व में तपस आश्रम) और पंजाबी बाबा पहाड़ी (पूर्व में नानकशाही आश्रम)।
मानसून के दौरान जब गंगा उफान पर होती है तो ये पहाड़ियां बिल्कुल अलग-थलग आइलैंड जैसी लगती हैं, वहीं पानी कम होने पर इनका विहंगम दृश्य और भी निखर जाता है।
इस जगह का जिक्र नारद पुराण में भी मिलता है। लोककथाओं के अनुसार यह ऋषि जह्नु की तपोभूमि है। कहा जाता है कि जब गंगा के वेग से ऋषि की तपस्या में बाधा पड़ी, तो उन्होंने क्रोध में पूरी गंगा को पी लिया था। बाद में देवताओं के अनुनय-विनय पर उन्होंने गंगा को अपने कान के मार्ग से मुक्त किया। इसी वजह से गंगा का एक नाम जाह्नवी पड़ा।
इस आइलैंड की यात्रा का सबसे रोमांचक पहलू है विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य। नाव से आइलैंड की ओर जाते समय आपको पानी की सतह पर उछलती-कूदती सोंस (गांगेय डॉल्फिन) आसानी से दिख जाएंगी। यह अनुभव किसी लग्जरी क्रूज से कम नहीं लगता।
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आज के दौर में जहां गोवा या ऋषिकेश में भारी भीड़ रहती है, कहलगांव का यह आइलैंड शांति और सुकून का केंद्र है। ड्रोन कैमरे से लिए गए इसके वीडियो देखकर लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं कि यह भारत है या विदेश। यह जगह न केवल फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्ग है, बल्कि आध्यात्मिक शांति चाहने वालों के लिए भी एक अनूठा पड़ाव है।