मुगलों द्वारा बनी इस इमारत के हैं पूरे विश्व में चर्चे, जानें इसके पीछे की कहानी

Taj Mahal History: आगरा में स्थित ताजमहल अपनी सुंदर वास्तुकला और इतिहास के कारण जाना जाता है। जहां देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी आना खूब पसंद करते हैं। इस जगह का इतिहास काफी गौरवशाली है।
मुगलों द्वारा बनी इस इमारत के हैं पूरे विश्व में चर्चे, जानें इसके पीछे की कहानी
ताजमहल इतिहास (सौ. सोशल मीडिया)
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Taj Mahal: विश्व भर में भारत के बारे में लोग कुछ जानते हों या न जानते हों लेकिन ताजमहल एक ऐसी इमारत है जिसके बारे में दुनिया के सभी लोग जानते हैं। आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित ताजमहल एक सफेद संगमरमर का मकबरा है जिसका निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था। इसे मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी प्रिय पत्नी की याद में बनवाया था और बाद में यह उनका विश्राम स्थल भी बन गया।

ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित है। यह गंगा की दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी यमुना के दाहिने किनारे पर स्थित है, जो मकबरे के लिए एक असामान्य स्थान है। इतिहासकार के अनुसार ताजमहल एक बहुत ही आत्म-जागरूक संरचना है जो परंपराओं से अलग हटकर है। मकबरे को किसी बगीचे के बीचो-बीच रखने के बजाय, नदी के किनारे किनारे पर रखा गया है। इसकी वास्तुकला एक नया और अलग नज़ारा पेश करती है। आप इसे नदी के दूसरी ओर से भी देख सकते हैं।

ताजमहल का असली नाम

माना जाता है कि ताजमहल नाम फारसी मूल का है। इतिहासकार बताते हैं "ताज का मतलब है 'मुकुट' और महल का मतलब है 'महल'।" "इसे 'मुकुट महल' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह इमारत खुद एक महल जैसी दिखती है और इसके कोनों में चार मीनारें हैं, जो इमारत के मुकुट जैसी दिखती हैं। इमारत का असली नाम रौज़ा-ए-मुनव्वरा था, लेकिन बाद में इसे ताजमहल के नाम से जाना जाने लगा।

क्यों बनाया गया था ताजमहल

शाहजहां ने अपनी प्रिय पत्नी मुमताज महल की कब्र के लिए ताजमहल बनवाने का आदेश 1631 में दिया। वह बादशाह की दूसरी पत्नी थी और अपने 14वें बच्चे को जन्म देते समय उनकी मृत्यु हो गई। किंवदंती के अनुसार मुमताज महल ने शाहजहां से यह अनुरोध किया था कि जब मेरी मृत्यु होगी तो मेरे लिए एक कब्र बनावाई जाए जो प्रेम का प्रतीक होगी। यह मकबरा साल 1648 में बनकर तैयार हुआ था। जिसका कार्य करीब 22 साल तक चला और इसमें 20000 से ज्यादा मजदूरों ने काम किया।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक ताजमहल में हर साल 70 लाख से ज्यादा पर्यटक आते हैं। जानकारी के अनुसार ताजमहल देखने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है। अगर आप ताजमहल शुक्रवार को घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो ऐसा न करें। क्योंकि ताजमहल हर शुक्रवार को नमाज के लिए बंद रहता है। जिस वजह से पर्यटकों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा पूरे साल सूर्योदय और सूर्यास्त तक यह खुला रहता है जिसके लिए तय प्रवेश शुल्क का भुगतान करना होता है।

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