

नई दिल्ली : एक बड़ी खबर के अनुसार भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलिम्स आज से चार दिन बाद, यानी 19 मार्च को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से धरती पर अपनी वापसी करेंगी। जानकारी दें कि, लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बीते शुक्रवार को इलॉन मस्क की स्पेस एजेंसी SpaceX का रॉकेट फॉल्कन 9 भारतीय समयानुसार करीब 4:30 बजे लॉन्च कर दिया गया है।
इस रॉकेट फॉल्कन 9 को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से इसे लॉन्च किया। इसमें क्रू ड्रैगन कैप्सूल से जुड़ी चार सदस्यीय टीम ISS के लिए रवाना हुई। इस मिशन को क्रू-10 नाम मिला है।
जानकारी दें कि, बीते नौ महीने से सुनीता और उनके साथ गए बुच विलमोर ISS पर फंसे हैं। उनके स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसकी वजह से उनकी वापसी तय समय पर नहीं हो सकी थी।
वहीं एलन मस्क की कंपनी 'स्पेसएक्स' का रॉकेट फाल्कन-9 बीते बुधवार 12 मार्च को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर लॉन्च होने वाला था। वहीं ये चार वैज्ञानिक ISS में पहले से मौजूद सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर और उनके अन्य दो साथियों की जगह लेने वाले थे। लेकिन ऐन समय लॉन्च होने में महज एक घंटे पहले रॉकेट के ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रोलिक सिस्टम में तकनीकी खामी आई और लॉन्च टालना पड़ा। इसके बाद बीते 13 मार्च को भी एक विंडो था लेकिन तब तक तकनीकी दिक्कत ठीक नहीं हो सकी थी।
जानकारी दें कि, इस नए दल में NASA की ऐनी मैकक्लेन और निकोल अयर्स, जापानी अंतरिक्ष एजेंसी JAXA के टकुया ओनिशी और रूसी स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस के कोस्मोनॉट किरिल पेस्कोव शामिल हैं। ये चारों ही अंतरिक्ष यात्री ISS पहुंचकर सुनीता विलियम्स, बुच विलमोर और क्रू-9 के दो अन्य सदस्यों की जगह लेंगे। कहा जा रहा है कि, क्रू-10 का स्पेसक्राफ्ट आज यानी 15 मार्च को ISS पर डॉक करेगा, जहां वे कुछ दिनों तक एडजस्टमेंट के बाद ISSका संचालन संभालेंगे। इसके बाद, क्रू-9 मिशन 19 मार्च के बाद किसी भी समय धरती लौट आएगा।