Pslv C62 Mission Launch Isro Anvesha Satellite Drdo Eos N1 Nasa Space
PSLV-C62 Mission Launch: ISRO ने एक बार फिर रचा इतिहास, एक साथ 16 सैटेलाइट लॉन्च, अमेरिका-यूरोप सब छूटे पीछे
ISRO Anvesha Satellite Launch: 10:18 बजे IST पर सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC) PSLV-C62 रॉकेट लॉन्च किया गया। इस लॉन्च में भारत की पहली ऑर्बिटल AI-इमेज लेबोरेटरी और ऑन-ऑर्बिट रिफ्यूलिंग मॉडल शामिल है।
ISRO ने एक बार फिर रचा इतिहास, एक साथ 16 सैटेलाइट लॉन्च
Follow Us
Follow Us :
PSLV C62 Mission Launch: अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स की उम्र बढ़ाने और स्पेस डेब्री (कचरा) को कम करने की दिशा में भारत ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। OrbitAid Aerospace ने अपना पहला सैटेलाइट AayulSAT सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में मौजूद अन्य सैटेलाइट्स को ईंधन भरने यानी इन-ऑर्बिट रिफ्यूलिंग की तकनीक का प्रदर्शन करेगा। खास बात यह है कि यह भारत का पहला कमर्शियल इन-ऑर्बिट डॉकिंग और रिफ्यूलिंग इंटरफेस होगा, जो भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों को ज्यादा टिकाऊ और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
Liftoff!PSLV-C62 launches the EOS-N1 Mission from SDSC-SHAR, Sriharikota.Livestream link: https://t.co/fMiIFTUGpf
चीन ने बीते वर्ष इस तकनीक का परीक्षण किया था, लेकिन उससे जुड़ी जानकारी बेहद सीमित रही और आधिकारिक तौर पर भी बहुत कम विवरण साझा किया गया। अमेरिका में एस्ट्रोस्केल जैसी कंपनियां भी इस दिशा में प्रयास कर रही हैं, हालांकि अब तक कोई ठोस अंतरिक्ष सफलता सामने नहीं आई है। ऐसे में इसरो और ऑर्बिटएड की इस पहल से भारत अंतरिक्ष में सैटेलाइट सर्विसिंग और रिफ्यूलिंग के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर दूसरे पायदान पर पहुंच गया है।
यह उपलब्धि केवल तकनीकी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनियों और इसरो के मजबूत सहयोग का भी बेहतरीन उदाहरण है। जब दुनिया के कई देश अभी इस जटिल तकनीक पर काम कर रहे हैं, तब भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह अंतरिक्ष की नई बुलंदियों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अंतरिक्ष में दुनिया का सबसे हल्का टेलीस्कोप
MOI-1 एज कंप्यूटिंग की मदद से सीधे सैटेलाइट पर ही डेटा प्रोसेस करता है, जिससे तेज़ एनालिसिस के लिए लेटेंसी काफी कम हो जाती है। अंतरिक्ष में दुनिया का पहला साइबरकैफे शुरू कर यह मिशन यूज़र्स को प्रोसेसर पर $2 (करीब 180 रुपये) प्रति मिनट के हिसाब से समय किराए पर लेने की सुविधा देता है, जिससे ऑर्बिटल इंटेलिजेंस तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाती है। MOI-1 सैटेलाइट के भीतर एक और रिकॉर्ड बनाने वाली उपलब्धि भी शामिल है। इसमें लगा MIRA, दुनिया का सबसे हल्का स्पेस टेलीस्कोप है।
Eon Space Labs द्वारा विकसित यह केवल 502 ग्राम का ऑप्टिकल सिस्टम फ्यूज्ड सिलिका ग्लास के एक ही ठोस ब्लॉक से तैयार किया गया है। टेलीस्कोप को सीधे MOI-1 की AI लेबोरेटरी में इंटीग्रेट करके टीम ने ऑर्बिट में एक ऐसी यूनिट बनाई है, जिसमें आंख और दिमाग दोनों एक साथ काम करते हैं।
अब तक 6 देश कर चुके हैं HySIS सैटेलाइट लॉन्च
भारत के अलावा अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान, इटली और पाकिस्तान भी हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट लॉन्च कर चुके हैं। भारत ने इससे पहले 29 नवंबर 2018 को अपनी पहली हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा था। HySIS नाम के इस सैटेलाइट का वजन करीब 380 किलोग्राम था। यह 55 स्पेक्ट्रल बैंड्स में रोशनी को डिटेक्ट करने में सक्षम था। अन्वेषा, HySIS का उन्नत संस्करण है, जिसकी हाइपरस्पेक्ट्रल क्षमता पहले से कहीं अधिक है।
PSLV अब तक 63 सफल मिशन पूरे कर चुका है। इसी लॉन्च व्हीकल के जरिए चंद्रयान-1, मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) और आदित्य-L1 जैसे महत्वपूर्ण मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किए गए हैं। PSLV का पिछला मिशन PSLV-C61 था, जिसके तहत 18 मई 2025 को EOS-09 सैटेलाइट को लॉन्च किया गया था। हालांकि, तीसरे चरण में आई तकनीकी खामी के कारण यह मिशन पूरी तरह सफल नहीं हो पाया था।
Pslv c62 mission launch isro anvesha satellite drdo eos n1 nasa space