अब बच्चों का WhatsApp रहेगा कंट्रोल में, पैरेंट्स को मिलेगी सीधी निगरानी
Parental Control Feature: WhatsApp जल्द ही एक ऐसा नया फीचर लाने की तैयारी में है, जो खासतौर पर बच्चों और उनके माता-पिता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस अपकमिंग अपडेट में Parental Control है।
- Written By: सिमरन सिंह
WhatsApp Parental Control (Source. Freepik)
WhatsApp Parental Control: दुनिया का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp जल्द ही एक ऐसा नया फीचर लाने की तैयारी में है, जो खासतौर पर बच्चों और उनके माता-पिता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस अपकमिंग अपडेट में Parental Control की सुविधा दी जाएगी, जिससे पैरेंट्स अपने बच्चों के WhatsApp अकाउंट को आसानी से मैनेज कर सकेंगे।
फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग फेज में है और माना जा रहा है कि आने वाले अपडेट्स में इसे यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है। इस फीचर के आने के बाद बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर माता-पिता की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है।
क्या है WhatsApp का नया Parental Control फीचर?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp एक सेकेंडरी अकाउंट सिस्टम पर काम कर रहा है, जो खास तौर पर बच्चों के इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। यह सेकेंडरी अकाउंट माता-पिता के प्राइमरी WhatsApp अकाउंट से लिंक रहेगा।
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इसका मतलब यह हुआ कि बच्चा अलग प्रोफाइल से WhatsApp इस्तेमाल करेगा, लेकिन उस अकाउंट पर नजर रखने और कुछ हद तक कंट्रोल करने का अधिकार माता-पिता के पास रहेगा। यह फीचर फिलहाल Android के बीटा वर्जन 2.26.1.30 में देखा गया है। अभी यह आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है और कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
क्या होता है सेकेंडरी अकाउंट?
WhatsApp का यह नया फीचर सीमित सुविधाओं के साथ काम करेगा। बच्चों के लिए बनाया गया यह सेकेंडरी अकाउंट पैरेंट्स द्वारा पहले से तय किए गए नियमों के अनुसार चलेगा। माता-पिता बच्चे के अकाउंट में कुछ बदलाव और प्रतिबंध सेट कर सकेंगे, जिससे बच्चा सुरक्षित तरीके से चैट और कॉल कर पाएगा।
खास बात यह है कि कंपनी ने साफ किया है कि “इसमें भी चैट और कॉल की प्राइवेसी बनी रहेगी” यानी पैरेंट्स बच्चों के मैसेज नहीं पढ़ पाएंगे, लेकिन सुरक्षा से जुड़े जरूरी कंट्रोल उनके हाथ में रहेंगे।
नया फीचर कैसे करेगा काम?
इस फीचर के जरिए माता-पिता बच्चे के अकाउंट में कुछ पाबंदियां लगा सकेंगे। इसके तहत बच्चा सिर्फ सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स को ही मैसेज भेज सकेगा और कॉल कर पाएगा। इससे अनजान लोगों से संपर्क होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।
इसके अलावा माता-पिता को सेकेंडरी अकाउंट की कुछ साधारण गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है, हालांकि मैसेज या चैट कंटेंट उन्हें नहीं दिखेगा। इससे बच्चों की प्राइवेसी और डेटा दोनों सुरक्षित रहेंगे।
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WhatsApp यह फीचर क्यों ला रहा है?
आज के डिजिटल दौर में बच्चे कम उम्र में ही स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने लगे हैं। कई बार वे अनजाने में गलत कॉल्स या अजनबियों के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ता है। WhatsApp इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए यह फीचर ला रहा है, ताकि माता-पिता बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सुरक्षित और सीमित नियंत्रण रख सकें।
