SIM कार्ड खरीदने के लिए बदल गए नियम, गड़बड़ की तो होगी ये कार्रवाई, PMO ने DoT को भेज दी नोटिस

लीकॉम सेक्टर की हालिया रिव्यू मीटिंग के बाद यह फैसला लेने का काम किया गया है। फाइनेंशियल घोटालों में फर्जी सिम कार्ड की सबसे ज्यादा भूमिका रही है। जांच से पता चला कि एक ही डिवाइस से कई सिम कार्ड जुड़े हुए थे, जो...
SIM कार्ड खरीदने के लिए बदल गए नियम, गड़बड़ की तो होगी ये कार्रवाई, PMO ने DoT को भेज दी नोटिस
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नवभारत टेक डेस्क : बढ़ते टेक्नोलॉजी ने हमारा लाइफ आसान बनाया है। लेकिन इसके साथ ही हमारे जीवन में कई सारे चैलेंजेज भी आए हैं। इन्हीं चैलेंजेज में से एक कॉमन चुनौती है साइबर फ्रॉड। बता दें साइबर फ्रॉड के जरिए हर रोह न जाने कितनों के बैंक अकाउंट सफा-चट हो रहे हैं। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सरकार नई गाइडलाइन जारी करती ही कि साइबर ठग कोई नई तरकीब निकाल लते हैं।

अगर आप ध्यान से समझेंगे तो पाएंगे कि इन सब का एक ही जड़ है, वो है सिम कार्ड। ऐसा इसलिए, क्योंकि मौजूदा समय में कोई भी साइबर स्कैमिंग फोन नंबर के जरिए ही हो रही है। ऐसे में अब साइबर स्कैमिंग पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री ऑफिस यानी PMO ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट को एक जरूरी निर्देश दिया है।

सिम कार्ड कनेक्शन के लिए आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी

पीएमओ द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक अब सभी नए सिम कार्ड कनेक्शन के लिए आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। इस कदम का के जरिए फर्जी डॉक्यूमेंट्स के माध्यम से मोबाइल कनेक्शन के बढ़ते गलत इस्तेमाल को रोका जाएगा। फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए अवैध सिम कार्ड खरीदने का काम किया जाता है। जारी रिपोर्ट के अनुसार, पहले यूजर्स नया मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए किसी भी सरकारी आईडी, जैसे वोटर Voter ID या Passport का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, अब भी नए सिम कार्ड को एक्टिव करने के लिए आधार के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी होता है। लेकिन, अब खुदरा विक्रेता अब इस नियम का पालन किए बिना सिम कार्ड नहीं बेच सकेंगे।

एक ही डिवाइस से कई सारे सिम कार्ड की कनेक्टिविटी

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि टेलीकॉम सेक्टर की हालिया रिव्यू मीटिंग के बाद यह फैसला लेने का काम किया गया है। फाइनेंशियल घोटालों में फर्जी सिम कार्ड की सबसे ज्यादा भूमिका रही है। जांच से पता चला कि एक ही डिवाइस से कई सिम कार्ड जुड़े हुए थे, जो टेलीकॉम नियमों के उनुसार अपराध है। इसी के जरिए साइबर अपराध को बढ़ावा देने का काम हो रहा था। टेक जगत की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें... 

PMO ने क्या निर्देश दिया?

पीएमओ ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट को कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने और अपराधियों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। फेक डॉर्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके सिम कार्ड जारी करने वाले रिटेल विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई किया जाएगा। साइबर अपराध को रोकने और फर्जी सिम कार्ड खरीदने पर रोक लगाने के लिए सरकार ने ये कदम उठाए हैं।

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