सिर्फ एक पासवर्ड ने डुबो दी 158 साल पुरानी कंपनी, 700 कर्मचारियों की नौकरी गई
Cyber Attack से ब्रिटेन के नॉर्थहैम्पटनशायर में स्थित 158 वर्ष पुरानी ट्रांसपोर्ट कंपनी KNP ने सब कुछ खो दिया, बस एक पासर्वड की वजह से साइबर अपराधियों ने कंपनी का डेटा लॉक किया जिससे कंपनी बंद हो गई।
- Written By: सिमरन सिंह
कैसे हुई कंपनी बंद। (सौ. AI)
Cyber Attack: ब्रिटेन के नॉर्थहैम्पटनशायर में स्थित 158 वर्ष पुरानी ट्रांसपोर्ट कंपनी KNP हाल ही में एक बड़े रैनसमवेयर हमले का शिकार बन गई। सबसे बड़ी बात यह है कि इस हमले की वजह एक कमजोर पासवर्ड रहा, जिससे हैकर्स ने कंपनी की सुरक्षा प्रणाली में घूसकर पूरे सिस्टम को लॉक कर दिया। इसके चलते कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा और अंततः कंपनी को अपने दरवाजे बंद करने पड़े। इस साइबर हमले का असर इतना बड़ा था की कंपनी के 700 कर्मचारियों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा।
अकीरा गैंग ने डाला सिस्टम पर कब्जा
KNP ट्रांसपोर्ट के पास साल 2023 में करीब 500 ट्रक थे जो ‘नाइट ऑफ ओल्ड’ ब्रांड के अंदर चलते थे। कंपनी का शुरू से दावा था कि उसका IT सिस्टम इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप था और उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए बीमा भी कराया था। बावजूद इसके, ‘अकीरा’ नाम के एक खतरनाक हैकिंग गैंग ने कंपनी के सिस्टम से सारे डेटा को लॉक कर दिया। जिस वजह से कंपनी का स्टाफ किसी भी इंटर्नल डेटा या जरूरी जानकारी तक नहीं पहुंच पा रहा था।
रैनसम नोट में धमकी और फिरौती की मांग
इस तरह के काम के बाद हैकर्स ने कंपनी को रैनसम नोट भेजा जिसमें उन्होंने लिखा, “अगर आप ये पढ़ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी कंपनी का पूरा या कुछ हिस्सा सिस्टम से बाहर हो चुका है… अब नाराजगी छोड़िए और बातचीत से हल निकालते हैं।” हालांकि, जानकारी में फिरौती की रकम का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन विशेषज्ञों की माने तो यह राशि लगभग 50 लाख पाउंड (जो भारत में करीब 52 करोड़ रुपये है) हो सकती है। नोट मिलने के बाद देखा गया कि KNP के पास इतनी धनराशि नहीं थी, जिस वजह से कंपनी को अपना सारा डेटा खो कर कंपनी को बंद करना पड़ा।
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बड़े ब्रांड्स साइबर हमलों के निशाने पर
वहीं इस हादसे से पहले Marks & Spencer, Co-op और Harrods जैसी बड़ी कंपनियां भी साइबर अटैक का शिकार हो चुकी हैं। जिसमें से को-ऑप के CEO ने हाल ही में बताया कि उनके 65 लाख सदस्यों का डेटा चोरी किया गया था। जिसमें विशेषज्ञों का कहना है कि हैकर्स अब गेमिंग स्किल्स के जरिए साइबर अटैक्स में माहिर हो रहे हैं और डार्क वेब से रैनसमवेयर खरीदकर कंपनियों के सिस्टम पर कब्जा कर रहें है।
साइबर खतरा बना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) के डायरेक्टर जनरल जेम्स बैबेज ने चेतावनी दी है कि यह साइबर खतरा अब केवल कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं है जब अपराधी सरकारी वेबसाइट पर हमाला करते हुए कुछ ऐसा मांगेगे जो देश के लिए खतरा बन सकता है।
