भारत में रैनसमवेयर हमले 55% बढ़े, औद्योगिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित

हमले मई और अक्तूबर महीने में हुए। यह जानकारी हाल ही में जारी रिपोर्ट ‘Ransomware Trends 2024: Insights for Global Cybersecurity Readiness’ से सामने आई है।
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Ransomware क्या है जो खतरा बन गया है। (सौ. Freepik)
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नवभारत टेक डेस्क: भारत में रैनसमवेयर हमलों में एक साल में 55% की वृद्धि दर्ज की गई है। 2023 में 98 रैनसमवेयर अटैक हुए, जिनमें से अधिकतर हमले मई और अक्तूबर महीने में हुए। यह जानकारी हाल ही में जारी रिपोर्ट ‘Ransomware Trends 2024: Insights for Global Cybersecurity Readiness’ से सामने आई है। यह रिपोर्ट CyberPeace द्वारा प्रकाशित की गई है, जो एक प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा एजेंसी है।

रिपोर्ट की मुख्य बातें

CyberPeace ने एडवांस ओएसिंट (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) तकनीकों का उपयोग करते हुए 166 थ्रेट एक्टर समूहों की गतिविधियों पर नजर रखी। इस प्रक्रिया में 658 सर्वर और अंडरग्राउंड संसाधनों से डेटा एकत्र किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर समूहों ने 153 देशों में 5,233 हमले किए। इनमें सबसे अधिक लक्ष्य अमेरिका रहा, इसके बाद कनाडा, यूके, जर्मनी और अन्य देशों का स्थान रहा।

प्रमुख साइबर खतरों की सूची

  • किलसेक: सबसे बड़ा खतरा
  • लॉकबिट3: दूसरा सबसे बड़ा रैनसमवेयर
  • अन्य प्रमुख समूह: रैनसमहब, डार्कवॉल्ट, और क्लॉप

भारत में प्रभावित सेक्टर

भारत में औद्योगिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां कुल घटनाओं का 75% दर्ज किया गया।

  • हेल्थकेयर सेक्टर: 12%
  • वित्तीय क्षेत्र: 10%
  • सरकारी क्षेत्र: केवल 3%

साइबर सुरक्षा की आवश्यकता

रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि भारत के औद्योगिक और हेल्थकेयर सेक्टर को बेहतर साइबर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। वित्तीय और सरकारी क्षेत्रों में भी कमजोरियों को दूर करना बेहद जरूरी है।

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