

Cyber Crime. देश में साइबर हमलों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र I4C के मुताबिक, इस साल चार महीनों के अंदर सात देशों में साइबर हमलों की ज्यादा शिकायत दर्ज की गई है। जिसमें से 85% शिकायत सिर्फ ऑनलाइन पैसों की धोखाधड़ी से है। I4C में दर्ज हुए आंकड़ों के अनुसार मई महीने में रोजाना औसतन 7 हजार साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज की गई थी, जो कि 2021 और 2024 की तुलना में दोगुना था।
इस साल के शुरुआती चार महीनों में भारतीय नागरिकों को साइबर आपराधिक गतिविधियों के कारण 1,750 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं पिछले साल साइबर धोखाधड़ी से भारतीयों को 7.488.6 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा था। इनमें से सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 990.7 करोड़ रुपये और तेलंगाना को 759.1 करोड़ रुपये की हानि हुई थी। इसके साथ ही निवेश धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के डेटा के मुताबिक साइबर अपराध में पिछले 5 सालों का आंकड़ा कुछ इस तरह रहा है: 2019 - 26,049 2020 - 257,777 2021 - 452,414 2022 - 966,790 2023 - 1,556,218
I4C के बारे में बताएं तो देश में साइबर सुरक्षा को लेकर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र I4C की स्थापना की गई थी। यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ एक पहल है। जिसमें नागरिकों के लिए साइबर अपराध संबंधी मुद्दों को निपटाने पर ध्यान दिया जाता है। इसमें विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अधिकारियों के बीच साइबर अपराध से निपटा जाता है।
वही पूरी दुनिया में साइबर अपराध से जुड़े नुकसान का आकलन किया जाए तो पिछले साल यह 12.5 अरब डॉलर का था। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में ऊर्जा, दूरसंचार, परिवहन या स्वास्थ्य जैसे उद्योग से जुड़े संस्थानों पर साइबर हमले ज्यादा किए गए हैं।