Indigo Crisis: छठे दिन 650 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल और सरकार का अल्टीमेटम, पूछा- एक्शन क्यों न लें?

Indigo Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले पांच दिनों से जारी भारी उथल-पुथल के बीच छठे दिन यानी रविवार को भी यात्रियों की मुसीबतें कम नहीं हुईं।
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छठे दिन 650+ फ्लाइट कैंसिल (कॉन्सेप्ट फोटो- सोशल मीडिया)
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Indigo crisis latest news: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले पांच दिनों से जारी भारी उथल-पुथल के बीच छठे दिन यानी रविवार को भी यात्रियों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। आज फिर 650 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल हो गईं, जिससे हजारों लोग देश भर के एयरपोर्ट्स पर फंसे रहे। हालांकि, अब सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। कंपनी को साफ निर्देश दिया गया है कि 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक हर हाल में यात्रियों का पैसा रिफंड करें, वरना सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

शुक्रवार को 1600 और शनिवार को 800 फ्लाइट्स रद्द होने के बाद, रविवार को भी दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद और चेन्नई समेत कई शहरों से उड़ने वाली 650 फ्लाइट्स जमीन पर ही खड़ी रहीं। एयरलाइन ने सफाई दी है कि 138 में से 135 डेस्टिनेशंस पर ऑपरेशन चालू हैं और 10 दिसंबर तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। लेकिन हकीकत अगरतला एयरपोर्ट पर दिखी, जहां 11 में से 9 फ्लाइट्स कैंसिल होने से कोलकाता का किराया जो पहले 3200 था, अब बढ़कर 11 से 13 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

सरकार का अल्टीमेटम और किराए पर लिमिट

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को राहत देने के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं। कंपनी के सीईओ को 24 घंटे के भीतर यह बताना होगा कि पिछले पांच दिनों से जारी इस कुप्रबंधन के लिए उन पर एक्शन क्यों न लिया जाए। जवाब न मिलने पर डीजीसीए एकतरफा फैसला लेगा। साथ ही, अगले 48 घंटों में यात्रियों का रुका हुआ सामान उनके पते पर पहुंचाना होगा। दूसरी एयरलाइंस यात्रियों की मजबूरी का फायदा न उठाएं, इसलिए किराए की सीमा भी तय कर दी गई है। अब 500 किलोमीटर तक 7500 रुपये, 1000 किलोमीटर तक 12 हजार और किसी भी स्थिति में 18 हजार रुपये से ज्यादा किराया नहीं वसूला जाएगा। हालांकि, यह नियम बिजनेस क्लास पर लागू नहीं होगा।

फंसे यात्री और जांच कमेटी का गठन

मैदान पर हालात यह हैं कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर नेपाली पर्यटक रामचंद्र पिछले तीन दिनों से अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। ऐसी ही हजारों शिकायतों को देखते हुए जेडीयू नेता संजय झा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति एयरलाइन और मंत्रालय के अधिकारियों को तलब कर जवाब मांग सकती है। वहीं, डीजीसीए ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए एक चार सदस्यीय जांच पैनल बनाया है। इस समिति में संयुक्त महानिदेशक संजय के ब्रम्हाने, अमित गुप्ता, कैप्टन कपिल मांगलिक और कैप्टन रामपाल शामिल हैं। यह पैनल 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगा। फिलहाल इंडिगो का कहना है कि उन्हें यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतने में काफी वक्त लगेगा।

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