Budget 2026: AI की नींव भारत में, डेटा सेंटर लाने पर 2047 तक टैक्स छूट का ऐलान
Cloud Services India: सरकार ने भारत को AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ऐलान किया गया कि भारत में स्थित डेटा सेंटर के जरिए दुनिया भर को क्लाउड सेवाए देंगे
- Written By: सिमरन सिंह
Budget AI 2026 (Source. Design)
AI Infrastructure India: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने भारत को AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि भारत में स्थित डेटा सेंटर के जरिए दुनिया भर को क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलेगा। इस फैसले का उद्देश्य गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक दिग्गज कंपनियों को भारत में बड़े निवेश के लिए आकर्षित करना है।
2047 तक टैक्स हॉलिडे, निवेश को मिलेगी रफ्तार
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने साफ किया कि डेटा सेंटर जैसे क्रिटिकल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के लिए लंबी अवधि की टैक्स छूट दी जाएगी। यह राहत उन विदेशी कंपनियों को मिलेगी जो भारत में डेटा सेंटर बनाकर वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं देती हैं। सरकार का मानना है कि 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलने से कंपनियां बड़े और दीर्घकालिक निवेश फैसले तेजी से लेंगी। इससे भारत ग्लोबल डेटा सेंटर हब बनने की ओर मजबूत कदम बढ़ा सकेगा।
गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट पर खास नजर
नई टैक्स नीति खास तौर पर उन कंपनियों के लिए आकर्षक है जिनका कारोबार बड़े डेटा सेंटर और हाई कंप्यूटिंग पर आधारित है। गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां AI और क्लाउड सेवाओं के लिए विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करती हैं।
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हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देने के लिए इन कंपनियों को भारतीय रिसेलर यूनिट के जरिए काम करना होगा। इससे देश के लोकल बिजनेस और रोजगार को भी फायदा मिलेगा।
सेफ हार्बर नियम से टैक्स विवाद होंगे कम
बजट 2026 में टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए सेफ हार्बर नियम का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत भारत से जुड़ी यूनिट द्वारा दी जाने वाली डेटा सेंटर सेवाओं पर लागत का 15 प्रतिशत सेफ हार्बर मार्जिन तय किया जाएगा। इससे मल्टीनेशनल कंपनियों को टैक्स गणना और अनुपालन में आसानी होगी और लंबे समय की निवेश योजना ज्यादा भरोसे के साथ बनाई जा सकेगी।
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AI मॉडल से पहले मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सरकार की रणनीति साफ है पहले AI को चलाने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाए। देश में AI सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए भारी कंप्यूटिंग पावर जरूरी है। भारत में डेटा सेंटर होने से लेटेंसी कम होगी और सेवाएं तेज मिलेंगी।
इसके साथ ही बॉन्डेड वेयरहाउस का इस्तेमाल करने वाले विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट कारोबारियों के लिए भी सेफ हार्बर का प्रस्ताव रखा गया है, जहां मुनाफा 2 प्रतिशत इनवॉइस वैल्यू तक माना जाएगा।
