भारत बन रहा डेटा का सुपरपावर, मिडिल क्लास के लिए खुलेंगे लाखों नौकरी के मौके
AI Data Demand: डिजिटल दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और इसका सीधा असर डेटा सेंटर इंडस्ट्री पर साफ नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश का डेटा सेंटर मार्केट 2030 तक करीब 22 बिलियन डॉलर का होगा
- Written By: सिमरन सिंह
AI Data (Source. Freepik)
India Data Center Market: भारत तेजी से डिजिटल दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और इसका सीधा असर डेटा सेंटर इंडस्ट्री पर साफ नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश का डेटा सेंटर मार्केट 2025 तक करीब 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 22 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
इस जबरदस्त ग्रोथ के पीछे क्लाउड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बढ़ती इंटरनेट खपत को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। डिजिटल सेवाओं की मांग जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की जरूरत भी बढ़ती जा रही है।
विदेशी निवेश का भरोसा, भारत बना पसंदीदा बाजार
वेस्टियन की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में 13 से 15 बिलियन डॉलर का निवेश आया है। इसमें लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा विदेशी निवेशकों का है, जो इस सेक्टर में मजबूत भरोसा दिखाता है।
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आने वाले पांच सालों में 60 से 70 बिलियन डॉलर के नए निवेश की घोषणा की गई है। इससे यह साफ हो गया है कि बड़े ग्लोबल ऑपरेटर्स और कंपनियां भारत में अपना विस्तार करना चाहती हैं। यह निवेश केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
भारत बनेगा ग्लोबल डेटा हब
इस समय भारत में डेटा सेंटर की ऑपरेशनल क्षमता 1.4 से 1.6 गीगावॉट के बीच है, जो 164 फैसिलिटीज में फैली हुई है। इसके अलावा 700 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता निर्माणाधीन है और 1 से 1.2 गीगावॉट की योजना तैयार है।
अनुमान है कि 2026 तक यह क्षमता 2 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी और 2030 तक 4 से 5 गीगावॉट हो सकती है। यह तेजी से बढ़ती क्षमता दिखाती है कि भारत आने वाले समय में डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
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AI, क्लाउड और 5G ने बढ़ाई मांग
भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे डेटा की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। एक औसत यूजर हर महीने 25 जीबी से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है। AI, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, डिजिटल पेमेंट, OTT प्लेटफॉर्म और 5G सेवाओं के विस्तार ने डेटा की मांग को और तेज कर दिया है। इन सभी कारणों से कंपनियों को बड़े और एडवांस डेटा सेंटर बनाने की जरूरत पड़ रही है।
भविष्य में क्यों जरूरी है यह सेक्टर?
डेटा सेंटर सेक्टर की यह ग्रोथ न सिर्फ टेक्नोलॉजी को मजबूत बनाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। आने वाले समय में यह इंडस्ट्री भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हो सकती है।
