Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पालतू जानवरों की भावनाएं अब होंगी समझने लायक, लंदन में खुला एनिमल साइंस सेंटर

अगर आपका पालतू जानवर अक्सर चुप रहता है, गुमसुम दिखाई देता है या अजीब हरकतें करता है, तो अब उन संकेतों को समझना आसान हो जाएगा। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) ने जानवरों की मानसिक स्थ

  • By सिमरन सिंह
Updated On: Jul 16, 2025 | 05:49 PM

अब जानवारों से की जा सकती है बात। (सौ. Freepik)

Follow Us
Close
Follow Us:

अगर आपका पालतू जानवर अक्सर चुप रहता है, गुमसुम दिखाई देता है या अजीब हरकतें करता है, तो अब उन संकेतों को समझना आसान हो जाएगा। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) ने जानवरों की मानसिक स्थिति को समझने के लिए एक विशेष शोध केंद्र की शुरुआत की है, जिसका नाम ‘जेरेमी कॉलर सेंटर फॉर एनिमल सेंटिएंस’ रखा गया है। यह सेंटर 30 सितंबर 2025 से आधिकारिक रूप से कार्य करना शुरू करेगा।

क्या है इस सेंटर का उद्देश्य?

इस सेंटर का मुख्य मकसद है इंसानों और जानवरों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को बेहतर तरीके से समझना। यहां सिर्फ कुत्ते और बिल्लियों जैसे पालतू जानवरों पर ही नहीं, बल्कि कीड़े, केकड़े और कटलफिश जैसे छोटे जीवों पर भी रिसर्च की जाएगी। सेंटर का फोकस यह जानने पर रहेगा कि ये जीव क्या महसूस करते हैं और किस तरह से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।

कितना हुआ खर्च और कौन-कौन जुड़े?

यह सेंटर करीब 4 मिलियन पाउंड (लगभग ₹42 करोड़) की लागत से तैयार किया गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ जैसे कि न्यूरोसाइंस, वेटेरिनरी साइंस, फिलॉसफी, कानून, जीवविज्ञान, मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रोफेशनल्स मिलकर कार्य करेंगे।

सम्बंधित ख़बरें

अब बिना पैसे दिए खेल पाएंगे महंगे मोबाइल गेम! Google ला रहा है नया धमाकेदार फीचर

WiFi 8 की आहट! WiFi 7 आया भी नहीं और कंपनियां लाईं अगली टेक्नोलॉजी, जानिए क्या होगा खास

बैंक जाने की झंझट खत्म! Amazon Pay से अब घर बैठे FD, ब्याज मिलेगा 8%

Haier का नया रेफ्रिजरेटर लॉन्च, बड़ी कैपेसिटी और कॉम्पैक्ट डिजाइन में मिलेगा प्रीमियम अनुभव

क्या करेगी AI तकनीक?

AI अब सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रही। इस तकनीक की मदद से पालतू जानवरों के भावों को AI ट्रांसलेटर ऐप्स के जरिए समझा जा सकेगा। यानी जल्द ही आपको यह जानने के लिए किसी पशुचिकित्सक के पास बार-बार नहीं जाना पड़ेगा कि आपका कुत्ता या बिल्ली क्यों उदास है।

ये भी पढ़े: फास्टैग न लगाने पर तुरंत ब्लैकलिस्ट करेगा NHAI, नया नियम 11 जुलाई से लागू

लेकिन खतरे भी हैं…

प्रोफेसर जोनाथन बिर्च, जो इस सेंटर के निदेशक हैं, कहते हैं, “AI कभी-कभी गलत जानकारी भी दे सकता है। जैसे कोई ऐप यह दिखा सकता है कि जानवर खुश है, जबकि वह अंदर से दुखी हो सकता है।” इसलिए जरूरी है कि हम AI की सीमाओं को समझते हुए उसका उपयोग करें। सेंटर इस दिशा में NGO और अन्य संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता और संरक्षण के कार्य भी करेगा।

ध्यान दें

पालतू जानवर अब सिर्फ पालतू नहीं, बल्कि हमारे भावनात्मक साथी बन चुके हैं। ऐसे में उनकी बात समझना भी उतना ही जरूरी है जितना एक इंसान की। LSE का यह नया सेंटर जानवरों के व्यवहार और भावनाओं को समझने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

Artificial intelligence will lwt talk pet dog and cats this technology is amazing

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 16, 2025 | 05:49 PM

Topics:  

  • Animal Feed
  • Digital Technology
  • Pet Dogs

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.