अमरावती बनेगी दुनिया का पहला 100% नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाला शहर, इतिहास रचने को तैयार

शहर को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 2,700 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, जो सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पनबिजली जैसे हरित स्रोतों से प्राप्त की जाएगी।
Solar Panel
अमरावती बनेगी दुनिया का पहला 100% नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाला शहर, इतिहास रचने को तैयार (सौ. Freepik)
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नवभारत टेक डेस्क: आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती जल्द ही दुनिया में एक नई पहचान बनाने जा रही है। इसका उद्देश्य है पूर्ण रूप से नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित पहला शहर बनना। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अगुवाई मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, शहर को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 2,700 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, जो सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पनबिजली जैसे हरित स्रोतों से प्राप्त की जाएगी।

₹65,000 करोड़ की हरित राजधानी

कृष्णा नदी के किनारे स्थित यह राजधानी 217 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैलेगी। प्रधानमंत्री द्वारा जल्द ही इसकी आधारशिला रखे जाने की संभावना है। नायडू ने स्पष्ट किया है कि "यह परियोजना जीवाश्म ईंधन पर शून्य निर्भरता को सुनिश्चित करेगी और देश को ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में अग्रसर करेगी।"

2050 तक 2.7 गीगावाट की जरूरत, 30% से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा से

अधिकारियों के अनुसार, 2050 तक अमरावती को कुल 2.7 गीगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, जिसमें से कम से कम 30% ऊर्जा सौर और पवन स्रोतों से प्राप्त की जाएगी। यह परियोजना जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक मील का पत्थर होगी।

दुनिया को दिखाएगा भारत का नेतृत्व

परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “अमरावती की हरित पहल दुनिया के अन्य शहरों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी और भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा आंदोलन में अग्रणी बनाएगी।” टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

सरकारी भवनों में सोलर पैनल होंगे अनिवार्य

अब तक 16 आंगनबाड़ी केंद्रों, 14 ई-हेल्थ सेंटरों और 13 सरकारी स्कूलों में 415 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। आगे चलकर सभी सरकारी व व्यावसायिक इमारतों में सोलर पैनल लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, एक जिला कूलिंग सिस्टम की भी योजना बनाई जा रही है जो ऊर्जा दक्षता को और बढ़ाएगा।

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