भारतीय मूल के अमर सुब्रमण्या बने Apple के नए AI वॉइस प्रेसिडेंट, Google-Microsoft में किया था कमाल
Apple AI: Apple ने भारतीय मूल के इंजीनियर अमर सुब्रमण्या को कंपनी का नया AI वॉइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। जो जॉन गियानंद्रिया की जगह लेंगे। अमर इससे पहले Google और Microsoft जैसी कंपनी में काम किया
- Written By: सिमरन सिंह
Aamar Subramanya का Apple में हुआ स्वागत। (सौ. Design)
Aamar Subramanya In Apple For AI Voice President: Apple ने भारतीय मूल के इंजीनियर अमर सुब्रमण्या को कंपनी का नया AI वॉइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। वे मई 2026 में रिटायर होने वाले जॉन गियानंद्रिया की जगह लेंगे। अमर इससे पहले Google और Microsoft जैसी दिग्गज टेक कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। मूल रूप से बेंगलुरु में पले-बढ़े अमर की पढ़ाई भी वहीं हुई है।
Apple ने Siri और AI मॉडल को अपग्रेड करने की योजना बताई थी
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, साल की शुरुआत में Apple ने घोषणा की थी कि कंपनी अपने AI मॉडल Siri को और अधिक उन्नत बनाने पर काम कर रही है। इस अपग्रेड का लक्ष्य 2026 तक पूरा करना है। अमर सुब्रमण्या अब Apple के फाउंडेशन मॉडल और ML रिसर्च को लीड करेंगे और सीधे कंपनी के सॉफ्टवेयर हेड क्रेग फेडेरिघी को रिपोर्ट करेंगे।
Google में 16 साल का अनुभव, फिर Microsoft और अब Apple
अमर सुब्रमण्या ने हाल ही में Microsoft में कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट का पद छोड़कर Apple जॉइन किया है। इससे पहले वे करीब 16 साल तक Google में रहे, जहां उन्होंने Google के मशहूर AI मॉडल Gemini को लीड किया। टेक दुनिया में अमर को AI और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में एक अग्रणी विशेषज्ञ माना जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
महंगा नहीं स्मार्ट निवेश, प्रोफेशनल्स के लिए ASUS का दमदार लैपटॉप, हल्का भी ताकतवर भी
हर सवाल का जवाब नहीं देता ChatGPT, इन सवालों पर हो जाता है चुप
सस्ता नहीं दमदार, 10,200mAh की लंबी बैटरी वाला 5G फोन, Vivo Y600 Pro लॉन्च से पहले ही चर्चा में
घर बैठे प्रोफेशनल लुक, WhatsApp का नया AI फीचर, जानें कैसे बदलें वीडियो कॉल का बैकग्राउंड
बेंगलुरु से की पढ़ाई, तकनीक में मजबूत आधार
बेंगलुरु में जन्मे सुब्रमण्या ने वर्ष 2001 में बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में BE किया। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने स्पीच रिकग्निशन, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ह्यूमन एक्टिविटी एनालिसिस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर काम किया।
ये भी पढ़े: नए आधार ऐप में घर बैठे हर अपडेट होगा आसान, मोबाइल नंबर बदलना हुआ और भी सरल
Microsoft फेलोशिप और AI में लगातार उन्नति
- साल 2007 में अमर को प्रतिष्ठित Microsoft Graduate Fellowship से सम्मानित किया गया। यहां उन्होंने मशीन लर्निंग और उभरती तकनीकों पर गहराई से रिसर्च की।
- 2025 में Microsoft ने Google DeepMind से 20 प्रतिभाशाली विशेषज्ञों को हायर किया था, जिनमें अमर भी शामिल थे। उन्हें Microsoft में AI वॉइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया था।
LinkedIn पोस्ट में माइक्रोसॉफ्ट की कार्यसंस्कृति की तारीफ
Microsoft जॉइन करने के बाद अमर ने अपने एक LinkedIn पोस्ट में लिखा था “गूगल की तुलना में माइक्रोसॉफ्ट में लोग बहुत अच्छे हैं। यहां किसी चीज की होड़ नहीं है। सब मिलकर काम करते हैं। इगो भी नहीं है और सपने भी बड़े हैं।”
