- Hindi News »
- Technology »
- After Missiles Now Attack On Pakistan With Drones Know How Many Deadly Drones The Indian Army Has
मिसाइलों के बाद अब पाकिस्तान पर Drones से वार! जानिए भारतीय सेना के पास कितने घातक Drones हैं मौजूद
ड्रोन, जिसे UAV (Unmanned Aerial Vehicle) भी कहा जाता है, एक ऐसा विमान है जो बिना पायलट, क्रू या यात्रियों के उड़ता है। ये ड्रोन ज़मीन से संचालित कंट्रोल सिस्टम और संचार प्रणाली से जुड़े होते हैं।
- Written By: सिमरन सिंह

Indian Army drones जो बनेगा भारत का भविष्य। (सौ. AI)
नवभारत टेक डेस्क: भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जोरदार एयर स्ट्राइक की है। इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है, जिसमें भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मिशन में विशेष रूप से LMS ड्रोन का प्रयोग किया गया, जिसे ‘सुसाइड ड्रोन’ भी कहा जाता है।
ड्रोन, जिसे UAV (Unmanned Aerial Vehicle) भी कहा जाता है, एक ऐसा विमान है जो बिना पायलट, क्रू या यात्रियों के उड़ता है। ये ड्रोन ज़मीन से संचालित कंट्रोल सिस्टम और संचार प्रणाली से जुड़े होते हैं, जिससे इनकी उड़ान को दूर से नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ ड्रोन पूरी तरह से स्वचालित भी होते हैं, जो किसी मानव की भागीदारी के बिना अपने लक्ष्य तक पहुंचते हैं। ऐसे में यह जानना काफी दिलचस्प है कि भारतीय सेना के पास किस तरह की ड्रोन पावर है जिससे देश और मजबूत बनता है।
सैन्य अभियानों में ड्रोन का इस्तेमाल कैसे होता है?
1. लक्ष्य भटकाने के लिए (Target Decoys):
ड्रोन का उपयोग दुश्मन को भ्रमित करने और असली हमले के लिए रास्ता साफ करने के लिए किया जाता है। पहले यह कार्य जोखिम भरा होता था, लेकिन अब रिमोट कंट्रोल सिस्टम से इसे सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जा सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
ड्रोन सर्वे से जमीन विवाद सुलझाने की तैयारी, भामरागड़ के गांवों को मिलेगा संपत्ति कार्ड
सुरक्षा नियमों का उल्लंघन, नाथसागर जलाशय में अवैध ड्रोन उड़ाना युवक को पड़ा महंगा; पुलिस ने दर्ज किया केस
IND vs PAK: भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह हराया, जीत के साथ सेमीफाइनल में की एंट्री
रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, 400 ड्रोन और मिसाइलों से दहला कीव; क्या शुरू हो गया है ‘स्प्रिंग ऑफेंसिव’?
2. युद्ध अभियानों के लिए (Combat Missions):
UACV (Unmanned Armed Combat Vehicle) की क्षमता, पेलोड और सटीकता के आधार पर युद्ध में प्रभाव तय होता है। यह सुनिश्चित करता है कि ड्रोन सही लक्ष्य को निशाना बनाए।
3. निगरानी और विश्लेषण के लिए (Assessment and Surveillance):
ड्रोन का उपयोग दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने, सैनिकों से संपर्क बनाने और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए होता है। हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों से लैस ये ड्रोन दुश्मन की पोजिशन और मूवमेंट को ट्रैक करते हैं।
भारत को ड्रोन की ज़रूरत क्यों है?
ड्रोन कम लागत वाले, आसानी से उपलब्ध और बेहद प्रभावी होते हैं। अमेरिका जैसे देश अपने प्रीडेटर और रीपर UCAVs की बिक्री केवल विश्वसनीय सहयोगियों को ही करते हैं। वहीं चीन, इज़रायल और तुर्की जैसे देश अपने खुद के सस्ते UCAV बना रहे हैं और भारत भी अब इस क्षेत्र में मजबूती से उभर रहा है।
ड्रोन की विशेषताएं
इनकी धीमी गति, कम आकार और न्यूनतम रडार क्रॉस सेक्शन (RCS) इन्हें छिपकर हमला करने योग्य बनाते हैं। पारंपरिक रडार छोटे ड्रोन को नहीं पहचान पाते, जिससे ये चुपचाप अपने लक्ष्य को भेद सकते हैं।
भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रमुख ड्रोन
1. DRDO अभ्यास (Abhyas)
यह एक हाई-स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट (HEAT) है, जिसे DRDO के ADE द्वारा विकसित किया गया है। यह भारतीय सशस्त्र बलों के लिए रडार परीक्षण और लाइव फायर अभ्यास में उपयोग होता है।
DRDO अभ्यास (Abhyas) Wikipedia
2. DRDO घातक (Ghatak)
घातक एक स्टील्थ यूसीएवी (Unmanned Combat Aerial Vehicle) है, जिसे ADE और ADA द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा है। यह पूरी तरह से स्वचालित लड़ाकू ड्रोन है, जो गुप्त मिशनों और सर्जिकल स्ट्राइक में उपयोगी होगा।
DRDO घातक (Ghatak)
3. DRDO रुस्तम (Rustom)
रुस्तम एक मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) UAV है, जो भारतीय थल, जल और वायुसेना के लिए बनाया गया है। यह निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम है।
DRDO रुस्तम (Rustom) X
4. TAPAS-BH-201 (पूर्व नाम Rustom-II)
यह एक लॉन्ग एंड्योरेंस UAV है, जो हाई-एल्टीट्यूड सर्विलांस के लिए ADE द्वारा विकसित किया गया है। यह MQ-1 प्रीडेटर के समान है और दुश्मन की सीमा में गहराई तक निगरानी कर सकता है।
TAPAS-BH-201 (पूर्व नाम Rustom-II) (सौ. X)
5. HAL CATS Warrior
HAL के Combat Air Teaming System (CATS) का हिस्सा है CATS Warrior, जो स्वदेशी AI-समर्थित लड़ाकू ड्रोन है।
यह मानव रहित और मानव-सहायक हवाई युद्धों के लिए भविष्य का गेम-चेंजर माना जा रहा है।
HAL CATS Warrior (सौ. Wikipedia)
6. DRDO नेत्र (Netra)
नेत्र एक हल्का, ऑटोनोमस UAV है, जिसे DRDO और IdeaForge ने मिलकर निगरानी और टोही के लिए विकसित किया है। यह मुख्य रूप से पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा शहरी क्षेत्रों में निगरानी के लिए उपयोग किया जाता है।
DRDO नेत्र (Netra) (सौ. X)
7. DRDO निशांत (Nishant)
निशांत एक ऑटोमैटिक UAV है, जिसे दुश्मन क्षेत्र में खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और आर्टिलरी फायर करेक्शन के लिए डिजाइन किया गया है। यह 4.5 घंटे तक उड़ान भर सकता है और सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहद कारगर साबित होता है।
8. DRDO लक्ष्य (Lakshya)
लक्ष्य एक हाई-स्पीड टारगेट ड्रोन है, जो लाइव फायर ट्रेनिंग और टारगेट एक्विजिशन के लिए बनाया गया है। यह जमीन या जहाज से लॉन्च होता है और पैराशूट से सुरक्षित लैंडिंग करता है।
टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
9. DRDO उल्का (Ulka)
उल्का एक एयर लॉन्च्ड डिस्पोजेबल टारगेट ड्रोन है, जिसे DRDO के ADE द्वारा विकसित किया गया है। यह सुपरसोनिक विमानों से छोड़ा जा सकता है और दुश्मन के रडार को भ्रमित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
DRDO लक्ष्य (Lakshya) (सौ. Wikipedia)
10. DRDO पुष्पक (Pushpak)
पुष्पक एक माइक्रो एयर व्हीकल (MAV) है, जिसे ADE और NAL द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। यह हल्का, हैंड-लॉन्चेबल ड्रोन है जो राष्ट्रीय माइक्रो एयर व्हीकल प्रोग्राम (NP-MICAV) का हिस्सा है।
11. NAL स्लाइबर्ड (Slybird)
स्लाइबर्ड एक छोटा, हैंड-लॉन्च UAV है, जिसे NAL ने विकसित किया है और यह सॉफ्ट लैंडिंग में सक्षम है। यह 10 किलोमीटर की रेंज और एक घंटे की उड़ान क्षमता के साथ पुलिस और सैन्य उपयोग के लिए उपयुक्त है।
इनमें से कई ड्रोन निगरानी, हमला, लक्ष्य निर्धारण और गुप्त मिशनों में सक्षम हैं। DRDO और निजी कंपनियों की साझेदारी से भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।
निष्कर्ष
ड्रोन तकनीक भविष्य के युद्धों का प्रमुख आधार बनने जा रही है। पाकिस्तान और चीन की हरकतों को देखते हुए भारत को अब तेज़, कुशल और सस्ते हथियारों की ज़रूरत है, जिसमें ड्रोन अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय रक्षा संगठन इस दिशा में तेज़ी से कार्य कर रहे हैं और आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र में विश्व शक्ति बन सकता है।
After missiles now attack on pakistan with drones know how many deadly drones the indian army has
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
मुकुल चौधरी ने KKR के जबड़े से छीनी जीत, रोमांचक मुकाबले में लखनऊ ने कोलकाता को 3 विकेट से चटाई धूल
Apr 09, 2026 | 11:22 PMLakshmi Puja Mistakes: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी!
Apr 09, 2026 | 10:35 PMहाथ से छिटका बैट, फिर भी गेंद गई बाउंड्री के पार, अजिंक्य रहाणे के इस अजब-गजब शॉट देख दंग रह गए फैंस- VIDEO
Apr 09, 2026 | 10:28 PMनहीं रहे भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर CD Gopinath, 96 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
Apr 09, 2026 | 10:04 PMईरान का ‘समुद्री चक्रव्यूह’! क्या वाकई समंदर में बिछी हैं बारूदी सुरंगें? तेहरान के दावे से टेंशन में दुनिया
Apr 09, 2026 | 10:02 PMमाउंट आबू: राजस्थान का हरा-भरा स्वर्ग, जहां दिखता है प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम
Apr 09, 2026 | 09:58 PMथिएटर में गर्दा उड़ाने के बाद OTT पर भी धमाका करेगी ‘Dhurandhar 2’, जानिए कब और कहां होगी रिलीज
Apr 09, 2026 | 09:55 PMवीडियो गैलरी

बेंगलुरु की सड़क पर जोंबी जैसा खड़ा दिखा युवक! क्या भारत में आ गया अमेरिका वाला खतरनाक ड्रग? वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:53 PM
इटावा रेलवे स्टेशन पर शर्मनाक! भगवाधारी बुजुर्ग को चोटी पकड़कर घसीटा, बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:32 PM
ममता बनर्जी को हराने के लिए 1000 करोड़ की साजिश! बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा वीडियो लीक, ED जांच की मांग
Apr 09, 2026 | 09:26 PM
ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM














