ड्रोन पायलट बनने का सबसे आसान तरीका, बस ये काम करें और आसमान में भरें उड़ान

Drone Pilot Career: आज के समय में ड्रोन टेक्नोलॉजी तेजी से उभरता हुआ करियर ऑप्शन बन चुकी है। सही ट्रेनिंग, लाइसेंस और कुछ जरूरी स्टेप्स फॉलो करके आप आसानी से ड्रोन पायलट बन सकते हैं।
Easy Way to Become a Drone Pilot
खुले मैदान में ड्रोन उड़ाता युवक (सौ. फ्रीपिक)
Updated on

Drone Pilot Jobs: भविष्य का सबसे डिमांडिंग करियर तकनीक के इस दौर में अब ड्रोन सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है। भारत सरकार की ड्रोन शक्ति योजना के तहत कृषि, रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में आने वाले वर्षों में एक लाख से ज्यादा ड्रोन पायलटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि यह करियर युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है।

कौन बन सकता है ड्रोन पायलट

ड्रोन पायलट बनने के लिए आपको ज्यादा योग्यताओं की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए सिर्फ 10वीं पास उम्मीदवार भी करियर बना सकते हैं। अगर आपकी उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच है तो इस क्षेत्र में काम कर सकते हैं। आपके पास आधार कार्ड और पासपोर्ट है तो इसमें अपना भविष्य बना सकते हैं। इसके लिए आपको डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से रिमोट पायलट सर्टिफिकेट कोर्स करना है।

कोर्स और ट्रेनिंग

ड्रोन पायलट का कोर्स ज्यादा लंबा नहीं होता है। यह आमतौर पर 5 से 15 दिनों के बीच का होता है। इसमें आपको थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों सिखाए जाते हैं। भारत में कई रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन यह कोर्स करा रहे हैं। कोर्स पूरा होने के बाद आपको एक लाइसेंस भी मिलता है जो 10 साल तक के लिए वैध होता है।

लाखों में मिलेगी सैलरी

एक प्रोफेशनल ड्रोन पायलट की कमाई शुरुआती स्तर पर 25000 रुपए से 50000 रुपए तक हो सकती है। अनुभव बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में कमाई भी बढ़ती है। फिल्म इंडस्ट्री या माइनिंग सेक्टर में काम करने वाले पायलट को 1 से 2 लाख रुपए तक कमाने का मौका मिलता है। इसके अलावा आप खुद का स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हैं। फ्रीलांस फोटोग्राफी और सर्वे का काम भी किया जा सकता है।

इन क्षेत्रों में कर सकते हैं काम

ड्रोन पायलट बनने सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि इसकी जरूरत हर क्षेत्र में उतनी ही बढ़ती जा रही है। कृषि कार्य के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव और फसलों की निगरानी के लिए इसका इस्तेमाल होता है। फोटोग्राफी और फिल्म को कवर करने के लिए ड्रोन जरूरी है। डिवरी सेक्टर यानी ई कॉमर्स और मेडिकल सप्लाई की डिलीवरी के लिए भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा जमीन की पैमाइश और सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए ड्रोन पायलट की जरूरत होती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com