संग्राम सिंह बनाम माटेओ मोंटेइरो
MMA fighter Sangram Singh: भारत के सुप्रसिद्ध एमएमए (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स) आइकन संग्राम सिंह ने वैश्विक खेल जगत में एक नया अध्याय जोड़ने की तैयारी कर ली है। पूर्व प्रोफेशनल रेसलर और अब एमएमए के धुरंधर फाइटर बन चुके संग्राम सिंह अर्जेंटीना की धरती पर मुकाबला करने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रचने जा रहे हैं। रविवार, 5 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स (टाइग्रे) में आयोजित होने वाले ‘समुराई फाइट हाउस 28’ (SFH 28) के मुख्य इवेंट में संग्राम सिंह अपनी चुनौती पेश करेंगे।
एमएमए के क्षेत्र में यह भारत के लिए एक गौरवशाली क्षण है। इससे पहले किसी भी भारतीय फाइटर ने अर्जेंटीना जैसे दक्षिण अमेरिकी देश में बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं की है। संग्राम सिंह का सामना फ्रांस के उभरते हुए और ऊर्जावान फाइटर माटेओ मोंटेइरो से होगा। यह मुकाबला केवल दो खिलाड़ियों की भिड़ंत नहीं, बल्कि दो अलग-अलग फाइटिंग स्टाइल और दो महाद्वीपों के बीच का रोमांचक टकराव माना जा रहा है।
संग्राम सिंह, जिन्हें अक्सर भारत के “आयरन मैन” के रूप में जाना जाता है। उनका सफर प्रेरणादायी रहा है। प्रोफेशनल रेसलिंग में नाम कमाने के बाद एमएमए को चुनना एक साहसी कदम था। जॉर्जिया और एम्स्टर्डम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार मुकाबला करते हुए उन्होंने अपनी तकनीक और खेल की समझ को एलीट स्तर पर पहुंचाया है। हर मैच के साथ संग्राम ने खुद को निखारा है और अब अर्जेंटीना का यह मुकाबला उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने वाला है।
समुराई फाइट हाउस के अध्यक्ष मार्टिन पाकसियार्ज़ ने संग्राम सिंह की सराहना करते हुए कहा कि संग्राम केवल एक फाइटर नहीं, बल्कि भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स के एक सशक्त राजदूत हैं। उनके अनुसार, संग्राम उस अनुशासन और साहस का प्रतिनिधित्व करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय एमएमए के सर्वोच्च स्तर पर आवश्यक है।
संग्राम की इस सफलता के पीछे उनके कोच भूपेश कुमार और उनकी समर्पित टीम का बड़ा हाथ है। टीम ने विशेष रूप से संग्राम के ‘ट्रांज़िशन’, ‘ग्राउंड कंट्रोल’ और ‘स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन’ पर काम किया है। एमएमए की रणनीतिक बारीकियों और केज के अंदर स्टैमिना मैनेजमेंट को लेकर कोच भूपेश कुमार ने संग्राम को एक नए स्तर पर तैयार किया है।
अपने इस आगामी ऐतिहासिक मुकाबले को लेकर उत्साहित संग्राम सिंह ने कहा, “जब मैंने एमएमए की शुरुआत की थी, तो लोगों ने रेसलिंग और एमएमए को बिल्कुल अलग बताया था। लेकिन मेरा मानना था कि मैट पर सीखा गया अनुशासन और योद्धा भावना केज के अंदर भी काम आती है।” उन्होंने आगे कहा कि जॉर्जिया और यूरोप के अनुभवों ने उन्हें एक परिपक्व फाइटर बनाया है। अर्जेंटीना में वह न केवल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि तिरंगा लहराकर जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेंगे।
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संग्राम के प्रतिद्वंद्वी माटेओ मोंटेइरो फ्रांस के एक युवा और महत्वाकांक्षी फाइटर हैं। जहां मोंटेइरो के पास युवा आक्रामकता और यूरोपीय एमएमए की नई तकनीकें हैं, वहीं संग्राम सिंह के पास वर्षों का अनुभव, शारीरिक मजबूती और जबरदस्त मानसिक दृढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभव और जोश के बीच यह भिड़ंत SFH 28 का सबसे रोमांचक हिस्सा होगी।
समुराई फाइट हाउस दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एमएमए लीग्स में से एक है। यह मंच दुनिया भर के बेहतरीन कॉम्बैट स्पोर्ट्स टैलेंट को एक साथ लाता है। ब्यूनस आयर्स में होने वाला यह आयोजन दक्षिण अमेरिका के फाइट फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगा और संग्राम सिंह की मौजूदगी इसमें भारतीय दर्शकों का भी भारी उत्साह जोड़ देगी।