मुंबई: अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) जैसे कुशल कप्तान के नेतृत्व में मुंबई की टीम रविवार से यहां शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी फाइनल (Ranji Trophy Final) में विदर्भ की कड़ी चुनौती से पार पाकर अपना 42वां खिताब जीतने की कोशिश करेगी। रहाणे की अगुवाई में भारत ने तीन सत्र पहले ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला जीती थी। वह अभी राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं और घरेलू स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन इससे उनके कप्तानी कौशल को कम करके नहीं आंका जा सकता है। रहाणे ने रणजी ट्रॉफी के वर्तमान सत्र में अभी तक 13.4 की औसत से केवल 134 रन बनाए हैं।
मुंबई का रणजी ट्रॉफी में यह 48वां फाइनल है जिसमें उसे चोटिल सूर्यकुमार यादव और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में खेल रहे सरफराज खान की सेवाएं नहीं मिलेगी। श्रेयस अय्यर हालांकि इस मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। अय्यर को रणजी ट्रॉफी में नहीं खेलने के कारण बीसीसीआई का वार्षिक अनुबंध गंवाना पड़ा था। वह यहां बड़ी पारी खेल कर आत्मविश्वास हासिल करना चाहेंगे। मुंबई को दो बार के चैंपियन विदर्भ से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है जिसकी टीम ने महत्वपूर्ण मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
टेस्ट क्रिकेट में 150 से अधिक विकेट लेने वाले उमेश यादव नई गेंद से मुंबई के बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं। मुंबई के बल्लेबाज अपने प्रतिद्वंद्वी की तरह इस सत्र में बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हैं लेकिन उसके निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। विकेटकीपर बल्लेबाज हार्दिक तमोर ने 252, तनुष कोटियान ने 481, शम्स मुलानी ने 290 और तुषार देशपांडे ने 168 रन का योगदान दिया है। शिवम दुबे और शार्दुल ठाकुर ने भी मुंबई की तरफ से महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। भारत की अंडर-19 टीम के बल्लेबाज मुशीर खान बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और ऐसे में विदर्भ के गेंदबाजों के लिए मुंबई के बल्लेबाजों से पार पाना आसान नहीं होगा।
Time for one final push ? ??️ Vidarbha’s road to @IDFCFIRSTBank#RanjiTrophy 2023-24 Final started with a fantastic comeback win against Services ??*For matches ending in a draw, teams with a first-innings lead receive additional points. pic.twitter.com/jQoVKlPOrJ— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) March 9, 2024
जहां तक विदर्भ का सवाल है तो उसकी टीम ने खेल के हर विभाग में निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है। उसके बल्लेबाजों ने बड़ी पारियां खेली हैं। विदर्भ की तरफ से बल्लेबाजी में करुण नायर (41.06 की औसत से 616 रन), ध्रुव शौरी (36.6 की औसत से 549 रन), अक्षय वाडकर (37.85 की औसत से 530 रन), अथर्व तायडे (44.08 की औसत से 529 रन) और यश राठौड़ (57 की औसत से 456 रन) ने शानदार प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी विभाग में आदित्य सरवटे (40 विकेट) और आदित्य ठाकरे (33) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।