BAN vs WI: वेस्टइंडीज ने क्रिकेट इतिहास में बनाया अनोखा रिकॉर्ड, ODI में पहली बार हुआ ऐसा

BAN vs WI 2nd ODI: वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश के खिलाफ शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में इतिहास रच दिया, ऐसा फैसला लिया जो पहले कभी नहीं देखा गया।
BAN vs WI: वेस्टइंडीज ने क्रिकेट इतिहास में बनाया अनोखा रिकॉर्ड, ODI में पहली बार हुआ ऐसा
वेस्टइंडीड टीम के खिलाड़ी (फोटो- सोशल मीडिया)
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West Indies Bowl 50 Overs of Spin: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम इन दिनों बांग्लादेश के दौरे पर है, जहां दोनों देशों के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज का दूसरा मुकाबला ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया, जो अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। दरअसल, इस मैच में वेस्टइंडीज की टीम ने ऐसा फैसला लिया, जिसने न सिर्फ फैन्स बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञों को भी चौंका दिया। ऐसा वनडे क्रिकेट के पूरे इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ था।

स्पिनरों पर जताया पूरा भरोसा

बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। मुकाबले की शुरुआत में पिच धीमी नजर आ रही थी, और ऐसे हालात में वेस्टइंडीज के कप्तान ने एक बेहद अनोखा दांव चला। उन्होंने मैच की शुरुआत तेज गेंदबाजों से करने के बजाय अपने स्पिनरों पर भरोसा जताया। नतीजा यह हुआ कि पूरी पारी में एक भी तेज गेंदबाज ने गेंद नहीं फेंकी।

वेस्टइंडीज की टीम ने पूरे 50 ओवर सिर्फ स्पिन गेंदबाजों से करवाए, जो वनडे इतिहास में पहली बार हुआ। कैरेबियाई कप्तान का यह कदम क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गया। टीम ने पांच अलग-अलग स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। अकील हुसैन, रोस्टन चेज, खारी पियरे, गुडाकेश मोती और एलिक अथनाजे। इन सभी गेंदबाजों ने मिलकर पूरी पारी की जिम्मेदारी निभाई और बांग्लादेश के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

इससे पहले वनडे क्रिकेट में किसी भी टीम ने 50 ओवर पूरे के पूरे स्पिनरों से नहीं करवाए थे। इससे पहले का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम था, जिसने 44 ओवर स्पिनरों से फेंकवाए थे। यह रिकॉर्ड श्रीलंका ने तीन बार बनाया था। 1996 में वेस्टइंडीज के खिलाफ, 1998 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ। लेकिन वेस्टइंडीज ने इस मैच में सभी 50 ओवर स्पिनरों को सौंपकर एक नया अध्याय जोड़ दिया।

बांग्लादेश की पारी 213 रन पर थमी

कप्तान का यह फैसला जोखिम भरा जरूर था, लेकिन परिणाम शानदार रहा। वेस्टइंडीज के स्पिनरों ने कसी हुई गेंदबाजी की और बांग्लादेश को निर्धारित 50 ओवरों में सिर्फ 213 रन पर रोक दिया। गुडाकेश मोती सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए। अकील हुसैन और एलिक अथनाजे ने दो-दो विकेट लिए। वहीं, रोस्टन चेज और खारी पियरे को विकेट नहीं मिला, मगर उन्होंने बेहद किफायती गेंदबाजी की।

क्रिकेट इतिहास में दर्ज हुआ अनोखा रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज का यह फैसला भविष्य में अन्य टीमों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। जहां आज भी ज्यादातर टीमें वनडे में तेज गेंदबाजों पर निर्भर रहती हैं। वहीं कैरेबियाई टीम ने दिखा दिया कि परिस्थितियों को भांपकर स्पिन पर भरोसा जताना भी जीत की कुंजी हो सकता है। इस मैच ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में अभी भी नए प्रयोगों की गुंजाइश बाकी है।

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