

स्पोर्ट्स डेस्क, नवभारत: भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला मुंबई में खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन आखिरी पारी के दौरान मैदान पर कुछ ऐसा घटा जिसने एक बार फिर से DRS की आधुनिक तकनीक को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। ये सवाल ऋषभ पंत के विकेट ने खड़े किए हैं। क्या है पूरी कहानी आइए जानते हैं...
दरअसल, चौथी पारी में 147 रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के 71 रन पर 6 विकेट गिर चुके थे। लेकिन पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ऋषभ पंत ना केवल विकेट रोक कर रखा बल्कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर ताबड़तोड़ प्रहार भी किए। पंत ने अपने बल्लेबाजी के दम पर मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया। जब भारत को जीत के लिए 40 रन चाहिए थे तभी एजाज पटेल के ओवर की चौथी गेंद पंत के बैट के दम करीब से गुजरते हुए विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल के दस्तानों में जा समाई।
इसके बाद एजाज पटेल, टॉम ब्लंडेल समेत न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की। जिसका अंपायर इलिंगवर्थ पर कोई असर नहीं हुआ। हालांकि, बाद में न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लाथम ने रिव्यू ले लिया। रिव्यू में थर्ड अंपायर पॉल रीफेल को अल्ट्रा एज पर हलचल दिखाई दी। यह हलचल ठीक उस समय हो रही थी जब गेंद पंत के बल्ले के पास से गुजर रही थी। जिसके बाद थर्ड अंपायर ने पंत को आउट करार दिया।
आउट करार दिए जाने के बाद ऋषभ पंत मैदानी अंपायर के पास पहुंचे। यहां शायद वह मैदानी अंपायर से यह कह रहे थे कि बैट उनके पैड से टकराया है। अल्ट्रा एज पर दिखाई दी हलचल भी शायद उसी वजह से हुई होगी। लेकिन थर्ड अंपायर पॉल रीफेल के मुताबिक बॉल में डिफ्लेक्शन भी था। जिसके बिना पंत को आउट करार दिया गया और अंततः उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।
ऋषभ पंत का विकेट उस समय गिरा जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। जिसका असर ये हुआ कि भारत को तीसरे मुकाबले में भी हार का मुंह देखना पड़ा। ये ही वजह है कि उनके विकेट पर चर्चा होना भी लाजमी है और ये ही वजह कि DRS के मॉर्डन टेक्नोलॉजी को सवालों के घेरे में खड़ा किया जा रहा है और ये पूछा जा रहा है कि जब बॉल बैट के करीब से गुजर रही हो और ठीक उसी समय बैट जमीन, पैड या जूतों से टकरा रहा हो क्या ऐसी स्थिति में थर्ड अंपायर को केवल अल्ट्रा एज के भरोसे निर्णय देना चाहिए?