वानखेड़े स्टेडियम में संकट मोचन बने ऋषभ पंत, अलग अंदाज में कर रहे आक्रामक बल्लेबाजी

ऋषभ पंत के अलावा कोई भी बल्लेबाज न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाया। इस दौरान ऋषभ पंत बेखौफ होकर अपने अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और एक छक्का भी लगाया है।
वानखेड़े स्टेडियम में संकट मोचन बने ऋषभ पंत, अलग अंदाज में कर रहे आक्रामक बल्लेबाजी
ऋषभ पंत अर्धशतक लगाने के बाद लंच पर जाते हुए (सौ. सो बीसीसीआई)
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मुंबई : वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे हैं तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच के तीसरे दिन ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी की और भारत के लिए अकेले संघर्ष जारी रखा। न्यूजीलैंड के स्पिन गेंदबाजों ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों को जिस तरह से अपने जाल में फंसाया, उसको देखकर लगता है कि भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के खिलाफ काफी मेहनत करने की जरूरत है।

एक ओर जहां भारतीय क्रिकेट टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर रही थी, वहीं एक बार फिर ऋषभ पंत भारतीय टीम के लिए संकट मोचन बनकर उभरे। उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय पारी को संभालने की भरपूर कोशिश की। मैच के तीसरे दिन लंच के पहले शानदार अर्धशतक लगाया और अभी भी वह नाबाद हैं। कहा जा रहा है कि अगर ऋषभ पंत अगर 1 घंटे और बल्लेबाजी करते हैं, तो भारतीय टीम की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जाएगी।

आपको बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच के तीसरे दिन जब न्यूजीलैंड की टीम केवल 174 रनों पर ऑल आउट हो गई। तब भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी, लेकिन न्यूजीलैंड के स्पिन गेंदबाजों में शानदार बॉलिंग का प्रदर्शन करते हुए भारतीय टॉप ऑर्डर को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया।

रोहित शर्मा और ऋषभ पंत को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज दहाई के अंत तक नहीं पहुंच पाया। यशस्वी जयसवाल केवल 5 रन बना सके, जबकि शुभमन गिल, विराट कोहली और सरफराज खान केवल 1-1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वहीं रविंद्र जडेजा ने ऋषभ पंत के साथ एक लंबी साझेदारी की, लेकिन वह भी केवल 6 रन बना सके।

इस तरह से देखा जाए तो ऋषभ पंत के अलावा कोई भी बल्लेबाज न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाया। इस दौरान ऋषभ पंत बेखौफ होकर अपने अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और एक छक्का भी लगाया है। लंच के बाद भारतीय टीम को अभी भी जीत के लिए 55 रनों की जरूरत है।

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