नवभारत विशेष: वैभव के जलवे से जीता अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप

India U19 Victory: हरारे में वैभव की 175 रन की ऐतिहासिक पारी से भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 विश्व कप अपने नाम किया।
Navbharat Special: Vaibhav's brilliance led to victory in the Under-19 Cricket World Cup
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Under 19 World Cup: हरारे में सांझ का अंधेरा अभी पूरी तरह से छाया भी न था कि लड़कों का एक समूह मदों में तब्दील हो गया। भारत ने निधर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था और इंग्लैंड इस लक्ष्य से 100 रन पीछे रह गया, जबकि उसके सभी खिलाड़ी पैवेलियन लौट चुके थे। इस तरह भारत की टीम ने रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 का विश्व कप अपने नाम किया।

आयुष म्हात्रे से पहले मुहम्मद कैफ (2000), विराट कोहली (2008), उन्मुक्त चंद (2012), पृथ्वी शॉ (2018) और यश कुल (2022) इस कप को भारत के लिए उठा चुके हैं। हाल के महीनों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। रोहित शर्मा के नेतृत्व में टी-20 विश्व कप व चैंपियंस ट्रॉफी जीती, फिर हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारत की महिला टीम ने ओडीआई विश्व कप (महिला) अपने नाम किया और अब आयुष म्हात्रे ने अंडर-19 ओडीआई विश्व कप में कामयाबी दिलाई है।

फाइनल में वैभव के मात्र 80 गेंदों में 175 रन ने न सिर्फ इंग्लैंड के हौसले पस्त कर दिए बल्कि इस पारी से उन्होंने रिकॉर्डों का अंबार लगा दिया। दुबई में 12 दिसंबर 2025 को वैभव ने यूएई अंडर-19 के खिलाफ 95 गेंदों में 171 रन बनाने का भारतीय रिकॉर्ड स्थापित किया था, हरारे में उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। दुबई में 150 रन बनाने के लिए उन्होंने 84 गेंदें खेली थीं और हरारे में 150 रन उन्होंने 71 गेंदों में बनाए।

वैभव के 150 रन तो सिर्फ गेंद को सीमा पार कराने से आए, उन्होंने 15 चौके व 15 छक्के लगाए, जो कि जूनियर क्रिकेट में रिकॉर्ड है। उन्होंने पाकिस्तान के समीर मिन्हास का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 21 दिसंबर 2025 को दुबई में भारत के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में 113 गेंदों पर 172 रन बनाए थे।

वैभव ने 80 गेंदों में जो 175 रन बनाए हैं, वह अंडर-19 में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर है। इंग्लैंड के खिलाफ विशाल स्कोर बनाने में वैभव के अतिरिक्त कप्तान आयुष (53 रन) का भी अच्छा योगदान रहा कि दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 142 रनों की साझेदारी की। फिर विहान मल्होत्रा (50 रन), अभिज्ञान कुंडू (40 रन) व कनिष्क चौहान (35 रन) ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया। इंग्लैंड 311 पर सिमट गया।

वैसे तारीफ आयुष की कप्तानी की भी करनी होगी कि जब इंग्लैंड साहस दिखा रहा था और ऐसा लग रहा था कि मैच में कुछ भी हो सकता है। तो टीम को इस मुस्तैदी से बांधे रखा कि लगा उनमें जन्मजात नेतृत्व के गुण हैं। मैच के बाद आयुष ने कहा, 'वैभव की पारी की व्याख्या करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। हम जानते हैं कि वह कितने शानदार बैटर हैं और इस मैच में उन्होंने दिखा दिया कि वह क्या कर सकते हैं।

रिकॉर्ड छठी बार भारत की कामयाबी

उम्मीद है कि इस समय जो भारत व श्रीलंका में संयुक्त रूप से टी-20 विश्व कप खेला जा रहा है, उसमें सूर्य कुमार यादव एंड कंपनी सफलता के इस सिलसिले को जारी रखेगी। भारत की इस कामयाबी का सेहरा निक्षितरूप से 14-वर्षीय सलामी बैटर वैभव सूर्यवंशी को जाता है, जिन्होंने अपनी पारी के दौरान राहुल द्रविड जैसा संयम, वीरेंद्र सहवाग जैसा विस्फोटक अंदाज, विराट कोहली जैसी खेल की समझ और सचिन तेंदुलकर जैसी रनों की भूख प्रदर्शित की।

-लेख सारिम अन्ना के द्वारा

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