जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और भारतीय टीम की फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
T20 World Cup 2026 Super 8: टीम इंडिया ने सुपर 8 चरण की शुरुआत साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के साथ की, जिससे सेमीफाइनल की राह चुनौतीपूर्ण हो गई है। अब 23 फरवरी को वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला मुकाबला भारतीय टीम के क्वालिफिकेशन समीकरण पर सीधा असर डालेगा। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है।
पहले मुकाबले में हार के बाद भारत के पास गलती की गुंजाइश कम बची है। सुपर 8 में हर टीम के पास सीमित मैच हैं, ऐसे में हर नतीजा अंक तालिका और नेट रन रेट पर प्रभाव डालेगा। वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे मैच का परिणाम तय करेगा कि भारत को आगे किस रणनीति के साथ उतरना होगा।
यदि वेस्टइंडीज जिम्बाब्वे को हरा देता है, तो उसे दो महत्वपूर्ण अंक मिलेंगे। ऐसी स्थिति में भारत को अपने बचे हुए दोनों मुकाबले, यानी जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ, हर हाल में जीतने होंगे। अगर भारत जिम्बाब्वे को हराकर वेस्टइंडीज से हार जाता है, तो उसके लिए सेमीफाइनल की उम्मीद लगभग खत्म हो सकती है। इसलिए वेस्टइंडीज की जीत भारत पर अतिरिक्त दबाव डालेगी।
दूसरी ओर, अगर जिम्बाब्वे वेस्टइंडीज को मात देता है, तो समीकरण भारत के पक्ष में झुक सकते हैं। इससे वेस्टइंडीज पर दबाव बढ़ेगा और भारत के लिए अंक तालिका में ऊपर पहुंचने का मौका बनेगा। ऐसे परिदृश्य में भारत यदि जिम्बाब्वे को हरा देता है, तो उसका दावा मजबूत हो जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ खास परिस्थितियों में भारत एक जीत के दम पर भी सेमीफाइनल में जगह बना सकता है। मान लें कि जिम्बाब्वे 23 फरवरी का मैच जीत जाए, लेकिन बाद में भारत से बड़े अंतर से हार जाए। साथ ही साउथ अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच बड़े अंतर से जीत ले। तब यदि भारत वेस्टइंडीज से करीबी मुकाबले में हार भी जाए, तो फैसला नेट रन रेट पर जा सकता है। बेहतर नेट रन रेट भारत को अंतिम चार में पहुंचा सकता है।
ये भी पढ़ें: T20 वर्ल्ड कप के बीच शोक में डूबा पाकिस्तान, पूर्व खिलाड़ी का हुआ निधन, PCB ने की पुष्टि
सुपर 8 जैसे छोटे चरण में नेट रन रेट अक्सर निर्णायक साबित होता है। इसलिए भारत को न सिर्फ जीत, बल्कि बड़े अंतर से जीत की भी जरूरत पड़ सकती है। आने वाले मुकाबलों में प्रदर्शन और रणनीति ही तय करेंगे कि टीम इंडिया सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर पाती है या नहीं।