DSP सिराज को मिला 'एनकाउंटर' का इनाम, इम्पैक्ट प्लेयर बनते ही कहा-फाइव विकेट हॉल जैसा था हर एक विकेट

Siraj after WI Test Series: भारतीय तेज़ गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन किया। सिराज ने कहा, हर विकेट उन्हें पाँच विकेट जैसा संतोष दे रहा था।
DSP सिराज को मिला 'एनकाउंटर' का इनाम, इम्पैक्ट प्लेयर बनते ही कहा-फाइव विकेट हॉल जैसा था हर एक विकेट
मोहम्मद सिराज (फोटो- सोशल मीडिया)
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Siraj named 'Impact Player of the Series': भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने 2-0 से वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ किया। इस टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले मोहम्मद सिराज ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल में समाप्त हुए दूसरे टेस्ट मैच में उन्होंने जो भी विकेट लिया वह उन्हें पांच विकेट जैसा लगा क्योंकि पिच गेंदबाजों के लिए अनुकूल नहीं थी।

सिराज ने मंगलवार को समाप्त हुए दूसरे टेस्ट मैच में तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिससे भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज करते हुए सीरीज पर 2-0 से कब्जा कर लिया। इससे पहले अहमदाबाद में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने सात विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। उनके इस प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें भारतीय ड्रेसिंग रूम में 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार दिया गया।

बीसीसीआई ने शेयर किया वीडियो

बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में सिराज ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो यह सीरीज़ मेरे लिए बेहद खास रही। अहमदाबाद में तेज़ गेंदबाज़ों को मदद मिली, लेकिन दिल्ली में हमें ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी। वहाँ हर विकेट मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने पांच विकेट लिए हों।

उन्होंने आगे कहा कि एक तेज गेंदबाज के तौर पर जब आपकी मेहनत का फल मिलता है, तो आत्मविश्वास काफी बढ़ता है। और जब टीम के ड्रेसिंग रूम में 'इम्पैक्ट प्लेयर' का पुरस्कार मिलता है, तो और भी ख़ुशी होती है। जब मैं टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो एक खिलाड़ी के तौर पर गर्व महसूस होता है। मैं इस लय को बनाए रखना चाहता हूं क्योंकि टेस्ट क्रिकेट मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है।

भारतीय तेज गेंदबाज़ी आक्रमण के अहम सदस्य बन चुके सिराज ने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनका पसंदीदा प्रारूप है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की कठिनाइयों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि टेस्ट क्रिकेट में आपको पूरे दिन मैदान पर रहना होता है। इसके लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार रहना ज़रूरी है। यह क्रिकेट का सबसे कठिन लेकिन सबसे मज़ेदार प्रारूप है। इसमें खेलने पर मुझे गर्व होता है।

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