सचिन तेंदुलकर और अजित पवार एक समारोह के दौरान (फोटो-सोशल मीडिया)
Sachin Tendulkar Mourns Ajit Pawar’s Passing: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को सुबह बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया। प्लेन में सवार सभी लोगों की मौत इस दुर्घटना में हो गई। अजित पवार के निधन के बाद सिर्फ राजनीतिक वर्ग से नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की तरफ से शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। सचिन तेंदुलकर और अजिंक्य रहाणे जैसे दिग्गज क्रिकेटरों ने भी उनके निधन पर शोक जताया है।
सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, “अजित पवार के अचानक निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। महाराष्ट्र ने एक समर्पित नेता खो दिया है, जिसने पूरे राज्य में लोगों के लिए काम किया। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”
अजित पवार यांच्या निधनाची बातमी ऐकून खूप दुःख झाले. महाराष्ट्रासाठी काम करणारा एक चांगला नेता आज आपण अचानक गमावला आहे. पवार कुटुंबियांच्या दुःखात मी सहभागी आहे. ईश्वर त्यांच्या आत्म्यास शांती देवो.
भावपूर्ण श्रद्धांजली. ॐ शांती. 🙏🏽 Very sad to learn about the untimely demise of… — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) January 28, 2026
अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अजित पवार के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार दादा के दुखद निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।”
Saddened by the tragic passing of Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar dada. My thoughts are with his family. 🙏 — Ajinkya Rahane (@ajinkyarahane88) January 28, 2026
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे। उनके निधन से राज्य और देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में हुआ था। अपने चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की उंगली पकड़कर वह राजनीति में आए थे। अजित पवार शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे थे। उन्होंने बारामती के महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों में उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और पूरी तरह राजनीति की ओर रुख किया।
अजित पवार ने साल 1982 में, महज 23 साल की उम्र में, राजनीति में कदम रखा। शुरुआत में उन्होंने एक सहकारी चीनी मिल के बोर्ड का चुनाव लड़ा। इसके बाद 1991 में वह पुणे सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष बने और करीब 16 साल तक इस पद पर रहे। उसी साल 1991 में उन्होंने बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीता, लेकिन बाद में यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए छोड़ दी। इसके बाद शरद पवार केंद्र की राजनीति में सक्रिय हुए और अजित पवार ने महाराष्ट्र की सियासत की कमान संभालनी शुरू की।
अजित पवार पहली बार 1995 में बारामती विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज की। बारामती पवार परिवार का गढ़ माना जाता है और यहां से उनका गहरा जुड़ाव रहा। अजित पवार की शादी 1985 में सुनेत्रा पवार के साथ हुई थी। उनके दो बच्चे पार्थ पवार और जय पवार हैं।
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अजित पवार का नाम उन नेताओं में शामिल है जो सबसे ज्यादा बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री के रूप में उन्होंने कृषि, ऊर्जा, योजना, ग्रामीण विकास और जल संसाधन जैसे अहम विभाग संभाले। कृष्णा घाटी और कोकण सिंचाई परियोजनाओं की जिम्मेदारी भी उनके पास रही। बारामती क्षेत्र के विकास, कृषि ढांचे को मजबूत करने और सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।