मोहम्मद शमी (फोटो- सोशल मीडिया)
Mohammed Shami Statement: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन अब उनका दर्द खुलकर सामने आ गया है। शमी ने अपने चयन और करियर को लेकर खुलकर बात करते हुए साफ कहा कि उनके प्रदर्शन के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग में उनका रिकॉर्ड खुद उनकी काबिलियत दिखाता है और पिछले पांच-छह साल में उन्होंने करीब 130 विकेट लिए हैं। इसके बावजूद उन्हें टी20 गेंदबाज नहीं माना जाना उनके लिए हैरान करने वाला है।
करीब 12 साल तक भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करने वाले शमी टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रहे। विराट कोहली और रवि शास्त्री के दौर में उन्होंने कई मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शमी ने तीन एकदिवसीय विश्व कप खेले और 2023 विश्व कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उन्होंने आखिरी बार 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला, जहां भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया।
घरेलू क्रिकेट के 2025-26 सत्र में शमी ने 67 विकेट लेकर अपनी फिटनेस और फॉर्म दोनों साबित की, लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने उन्हें टीम के लिए उपयुक्त नहीं माना। यहां तक कि 2022 टी20 विश्व कप के बाद उन्हें इस प्रारूप से बाहर कर दिया गया, जबकि कुछ समय बाद उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में पर्पल कैप जीतकर अपनी काबिलियत साबित की।
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35 साल के मोहम्मद शमी ने अपने बयान से यह भी संकेत दिया कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर शायद अब अंत की ओर है। हालांकि, उन्होंने इस बात को लेकर कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उन्होंने देश के लिए खेलते हुए नाम, शोहरत और सम्मान हासिल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें मौका मिलेगा तभी वह मैदान पर योगदान दे पाएंगे, वरना सिर्फ बाहर बैठकर कुछ नहीं कर सकते।