हार्दिक पांड्या (फोटो- सोशल मीडिया)
Sadagopan Ramesh Statement on Hardik Pandya: आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद निराशाजन रही है। टीम मैनेजमेंट, खिलाड़ियों और फैंस सभी टीम से ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी। अब तक MI ने इस सीजन में कुल चार मुकाबले खेले हैं। इस दौरान उसे तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में टीम के ऐसे प्रदर्शन की ठीकरा जिस पर फोड़ा जा रहा है, वो कप्तान हार्दिक पांड्या हैं। इसी कड़ी में भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सदागोपन रमेश का बयान चर्चा का विषय बन गया है। अपने बयान में वो मुंबई इंडियंस की हार का प्रमुख कारण किसी और को नहीं, बल्कि कप्तान हार्दिक पांड्या को बता रहे हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मिली हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सदागोपन रमेश ने कप्तान हार्दिक पांड्या की रणनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सबसे किफायती गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को सही समय पर इस्तेमाल न करना मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा। जब दूसरे गेंदबाज लगातार रन लुटा रहे थे, तब बुमराह से केवल पावरप्ले में दो ओवर करवाना और फिर उन्हें लंबे समय तक गेंद से दूर रखना बड़ी गलती थी। बुमराह ने छठा ओवर फेंका और फिर सीधे सत्रहवें ओवर में वापसी की, यानी उन्हें करीब साठ गेंदों तक इस्तेमाल नहीं किया गया। रमेश ने इसे घबराहट भरी कप्तानी का संकेत बताया।
स्पिन गेंदबाजों के इस्तेमाल को लेकर भी सदागोपन रमेश ने हार्दिक पांड्या की रणनीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वानखेड़े की परिस्थितियों को समझे बिना दोनों छोर से स्पिनरों को आजमाना समझ से परे था। साथ ही रजत पाटीदार के खिलाफ मयंक मार्कंडे को गेंद थमाने के फैसले को भी उन्होंने गलत बताया। उनका कहना था कि पाटीदार स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बेहद आक्रामक बल्लेबाज हैं और उन्होंने पहले भी मार्कंडे को आसानी से खेला है, ऐसे में यह फैसला टीम पर भारी पड़ा।
ये भी पढ़ें: Ishan Kishan ने जोफ्रा आर्चर के खिलाफ दिखाई अपनी क्लास, पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने की जमकर तारीफ
सदागोपन रमेश ने यह भी दावा किया कि मैदान पर हार्दिक पांड्या के कई फैसलों से रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव भी सहमत नहीं दिखे। उन्होंने टिम डेविड के खिलाफ एक रिव्यू वाली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हाई फुल टॉस पर लिया गया रिव्यू देखकर सूर्यकुमार यादव भी हैरान रह गए थे। रमेश के अनुसार कप्तानी के दौरान हार्दिक भ्रमित नजर आए और टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी भी कई निर्णयों से नाखुश दिखे। उन्होंने कहा कि अगर टीम को टॉप-4 में जगह बनानी है तो इन गलतियों को जल्द सुधारना होगा।