
वेंकटेश प्रसाद (फोटो-सोशल मीडिया)
Karnataka State Cricket Association (KSCA) Elections: कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर चल रहे असमंजस के कारण अपने चुनाव स्थगित कर दिए हैं। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए।
केएससीए ने उम्मीदवारों की पात्रता पर विवाद के बाद अपने नए पदाधिकारियों के चुनाव टाल दिए। ये चुनाव पहले 30 नवंबर को होने वाले थे, लेकिन अब इन्हें 30 दिसंबर को रखा गया है। संघ में किन लोगों को बड़े पदों के लिए योग्य माना जाएगा, इस उलझन के कारण चुनाव देर से होंगे।
वेंकटेश प्रसाद ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, “हमें यह जानकर बहुत बुरा लगा कि चुनाव फिर से टाल दिए गए हैं। अगला चुनाव शायद 30 दिसंबर से भी पहले हो सकता है या इसकी तारीख आगे भी बढ़ सकती है। यह फिर से स्थगित भी किया जा सकता है। हमें अभी इसकी कोई पक्की जानकारी नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम यहां राजनीति करने नहीं आए हैं। हमारा मकसद सिर्फ चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट को वापस लाना है। हमारी कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय मैच और आईपीएल मैच फिर से चिन्नास्वामी में कराए जाएं। हमें खबर मिली है कि बेंगलुरु की टीम शायद कुछ मैच बेंगलुरु के बाहर भी खेल सकती है। अगर क्रिकेट को वापस लाना है, तो चुनाव कराना जरूरी है। यह आम और जरूरी बात है। ये चुनाव पहले ही दो महीने से ज्यादा टल चुके हैं। पहले 30 सितंबर को होने थे, फिर 30 नवंबर और अब फिर टाल दिए गए। यह वाकई हैरान करने वाली बात है।”
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पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “केएससीए का नेतृत्व हमेशा एक क्रिकेटर ही करता आया है। रोजर बिन्नी, अनिल कुंबले, राम प्रसाद, अशोक आनंद और रघुराम भट्ट अध्यक्ष रहे हैं। लेकिन अब लगता है कि एक गैर-क्रिकेटर को एक क्रिकेटर के खिलाफ खड़ा करने से यह परंपरा खतरे में पड़ सकती है।”
चुनाव रुकने के बाद केएससीए के सदस्य विनय मृत्युंजय ने कहा, “हमें कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, बस यह कहा गया कि कुछ सदस्य उलझन में हैं। मैं नहीं कह सकता कि कोई साजिश है या कुछ और, लेकिन यह पता लगाना जरूरी है। हम क्रिकेट का अच्छा भविष्य चाहते हैं।”






