

Harmanpreet Kaur Calls For 'Equal Payment': भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि पुरुष और महिला खिलाड़ियों के केंद्रीय अनुबंध में बड़ा अंतर होने से उन्हें कभी परेशानी नहीं हुई, क्योंकि यह अंतर हमेशा से बाजार की मांग पर आधारित रहा है। लेकिन उनका मानना है कि महिला वनडे विश्व कप जीतने के बाद यह अंतर अब जरूर कम होगा।
बीसीसीआई ने 2022 में महिला खिलाड़ियों की मैच फीस को पुरुषों के बराबर कर दिया था, लेकिन सालाना केंद्रीय अनुबंध में अभी भी बड़ा फर्क है। पुरुष खिलाड़ियों को शीर्ष श्रेणी में 7 करोड़ रुपये, जबकि महिला खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये मिलते हैं।
हरमनप्रीत ने पीटीआई को बताया कि 2017 विश्व कप के बाद महिला क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया और तब उनका केंद्रीय अनुबंध 15 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दिया गया। उन्होंने कहा कि महिला टीम यदि लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही, खासकर ICC टूर्नामेंट में, तो भुगतान संरचना और बेहतर होगी।
हरमनप्रीत ने माना कि लंबे समय तक क्रिकेट का ज्यादातर राजस्व पुरुष टीम से आता रहा, लेकिन इस बार विश्व कप जीतने के बाद महिला क्रिकेट की मार्केट वैल्यू तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 2 नवंबर को फाइनल जीतने के बाद महिला क्रिकेट का बाजार मूल्य काफी बढ़ गया है। ट्रॉफी जीतकर हमने साबित किया कि हम बराबरी की दावेदार हैं।
कप्तान ने बताया कि बदलाव तभी आएगा जब महिला खिलाड़ी लगातार प्रदर्शन करें और ज्यादा ट्रॉफियां जीतें। तभी लोगों की नजरों में महिला क्रिकेट को पुरुष टीम जितनी अहमियत मिलेगी। आगे की योजनाओं पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि भारत के पास अब तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स का एक मजबूत पूल तैयार हो रहा है। उन्होंने क्रांति गौड़ और श्री चरणी जैसी युवा खिलाड़ियों की तारीफ की और कहा कि इन खिलाड़ियों ने दबाव में भी शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने बीसीसीआई सचिव और वर्तमान ICC अध्यक्ष जय शाह की भी प्रशंसा की। हरमनप्रीत ने कहा कि जय शाह ने महिला क्रिकेट का हमेशा साथ दिया, चाहे हम ट्रॉफी जीतें या नहीं। मैच फीस बराबर करना और महिला प्रीमियर लीग शुरू करना उनकी ही पहल थी। अंत में हरमनप्रीत ने कहा कि उनका सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। एक और विश्व कप जीतना बाकी है। हम अगला लक्ष्य हासिल करने के लिए और कड़ी मेहनत करेंगे।