धोनी से लेकर रोहित-सूर्या तक, 19 साल में कैसे 10 गुना बढ़ा जीत का इनाम? BCCI कैसे बना दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड
Cricket Economy BCCI Prize Money: 2007 में 12 करोड़ और 2026 में 131 करोड़! जानें कैसे टी20 और IPL ने बदली क्रिकेट की दुनिया और BCCI को बनाया कुबेर का खजाना।
- Written By: प्रिया जैस
बीसीसीआई (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Richest Cricket Board: साल 2007 में जब भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला ICC टी20 वर्ल्ड कप जीता था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह छोटा-सा फॉर्मेट भविष्य में क्रिकेट की पूरी अर्थव्यवस्था बदल देगा। उस समय भारतीय टीम को बीसीसीआई ने कुल 12 करोड़ रुपये का बोनस दिया था। लेकिन 2026 में भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद बीसीसीआई ने टीम के लिए 131 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया।
यानी लगभग 19 वर्षों में इनामी राशि 10 गुना से भी अधिक बढ़ गई। यह सिर्फ इनाम का अंतर नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि टी20 क्रिकेट की आर्थिक ताकत, खिलाड़ियों की कमाई और बीसीसीआई की आय किस तरह कई गुना बढ़ चुकी है। भारतीय टीम ने 2024 से अब तक तीन आईसीसी खिताब हासिल किए हैं। इनमें 2025 में महिला वर्ल्ड कप का खिताब भी शामिल है।
खिलाड़ियों की कमाई में क्रांतिकारी बदलाव
2007 के आसपास भारतीय खिलाड़ियों की कमाई मुख्यतः तीन स्रोतों से होती थी- मैच फीस, केंद्रीय अनुबंध और सीमित विज्ञापन। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। 2007 के आसपास केंद्रीय अनुबंध अपेक्षाकृत कम था, आईपीएल नहीं था इसलिए खिलाड़ियों की कमाई करोड़ों में सीमित रहती थी।
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जबकि आज आईपीएल नीलामी में ही खिलाड़ी 20-25 करोड़ रुपये तक में बिकते हैं, ब्रांड एंडोर्समेंट करोड़ों में हो रहा है। मैच फीस और बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट अलग। इसका मतलब है कि टी20 ने क्रिकेटरों को सुपरस्टार एथलीट बना दिया है।
इनामी राशि में बड़ा अंतर
2007 में पूरी टीम को 12 करोड़ रुपये का बोनस दिया गया था, जबकि हाल के वर्षों में यह रकम सैकड़ों करोड़ तक पहुंच चुकी है।
- 2007 – 212 करोड़ (पहला टी20 विश्व कप)
- 2024 -125 करोड़ (बीसीसीआई इनाम)
- 2025 – 51 करोड़ (BCCI महिला टीम व स्टाफ को)
- 2026 – 131 करोड़ (बीसीसीआई इनाम)
यह बदलाव इस बात का संकेत है कि क्रिकेट की आर्थिक संरचना में टी20 का प्रभाव कितना बड़ा हो चुका है।
BCCI कैसे बना दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड
आज बीसीसीआई को दुनिया का सबसे समृद्ध क्रिकेट बोर्ड माना जाता है। इसके पीछे आईपीएल मीडिया राइट्स, टीवी और डिजिटल ब्रॉडकास्ट, स्पॉन्सरशिप, आईसीसी से मिलने वाला राजस्व हिस्सा। टी20 क्रिकेट के कारण भारत का क्रिकेट बाजार इतना बड़ा हो गया है कि वैश्विक ब्रॉडकास्ट कंपनियां अरबों रुपये निवेश करती हैं।
ICC की प्राइज मनी भी बढ़ी
ICC ने भी टी20 विश्व कप की प्राइज मनी लगातार बढ़ाई है। हाल के टूर्नामेंटों में विजेता टीम को लगभग 2.45 मिलियन डॉलर (करीब 20-25 करोड़ रुपये) तक की आधिकारिक प्राइज मनी मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि कई बार बीसीसीआई का बोनस ICC की प्राइज मनी से भी कई गुना अधिक होता है। 2007 टी20 विश्व कप जीतने पर भारत को ICC की ओर से लगभग 1.6 मिलियन डॉलर (करीब 6-7 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिली थी।
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टी20 की असली क्रांतिः IPL
- 2008 में आईपीएल शुरू हुआ और यह दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग बन गई।
- 2008 से 2017 के बीच आईपीएल से बीसीसीआई को लगभग 8400 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
आज स्थिति यह है कि 2023-24 में बीसीसीआई की कुल आय लगभग 9741 करोड़ रुपये रही। इसमें से 5761 करोड़ रुपये केवल IPL से आए। यानी आज भारतीय क्रिकेट की आर्थिक रीढ़ टी20 और आईपीएल बन चुके हैं।
क्रिकेट की अर्थव्यवस्था बदलने वाला फॉर्मेट
2007 में टी20 को कई लोग सिर्फ मनोरंजन का फॉर्मेट मानते थे। लेकिन आज यह फॉर्मेट क्रिकेट का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला प्रारूप है। सबसे ज्यादा पैसा लाने वाला फॉर्मेट है और खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा आर्थिक अवसर है।
