Birthday Special: शूटिंग गन के लिए बेचा घर, 15 साल किराए का मकान, फिर दुनियाभर बढ़ा डाला देश का सम्मान, ये है गगन नारंग की कहानी
साल 2008 में चीन में हुए निशानेबाजी विश्वकप में गोल्ड जीता। वहीं, बैंकाक में हुए ISSF वर्ल्ड कप में गगन नारंग ने गोल्ड मेडल जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। जिसके बाद वो इंटरनेशनल शूटिंग की लिस्ट में टॉप पर आ गए।
- Written By: संजय सिंह बिष्ट
गगन नारंग (फोटो- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क: हिंदुस्तान के स्टार शूटर गगन नारंग 6 मई 2025 को अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 6 मई 1983 को चेन्नई में हुआ था। जबकि पालन पोषण दूसरे शहर हैदराबाद में हुआ। गगन नारंग ने दुनियाभर में निशानेबाजी के जरिए भारत का मान बढ़ाया है। बता दें कि गगन नारंग भारत के पहले एकमात्र शूटर हैं जो लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई हुए थे। उन्होंने साल 2012 में हुई लंदन ओलंपिक के दौरान 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में 701.1 प्वाइंट्स के साथ कांस्य पदक भी जीता था।
पिछले साल पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान गगन नारंग को शेफ-डी-मिशन के लिए नॉमीनेट किया था। भारतीय ओलंपिक संघ ने उन्हें पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान ध्वजवाहक के रूप में नातिम किया था। आज उनके जन्मिदन के अवसर पर हम आपको उनकी सफलता की कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं।
पिता ने बेटे के खातिर बेचा घर
गगन नारंग ने अपने शुरुआती जीवन में काफी संघर्ष किया है। उनके पिता एयर इंडिया में चीप मैनेजर के पद पर नियुक्त थे। लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब गगन के पिता को उनका मकान बेचना पड़ा। इसके पीछे का कारण गगन को शूटिंग करने के लिए राइफल दिलावा था। इस दौरान गगन नारंग और उनका परिवार करीब 15 साल तक किराए के मकान में रहा।
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गगन नारंग ने साल 1997 से अपने शूटिंग करियर की शुरुआत की। इस दौरान उनके पिता ने उन्हें खेल के लिए पूरी छूट दे कर रखी थी। गगन ने भी मेहनत और लगन के साथ शूटिंग का अभ्यास किया। गगन हमेशा ही अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते रहे हैं।
पायटल बनना था सपना
गगन नारंग का बचपन में एयरफोर्स में पाइलट बनने का सपना था। लेकिन बाद किसी कारण से वो यहां पर नहीं जा पाए। गगन के पिता भीमसेन नारंग बताते हैं कि जब वो दो साल के थे तब से वो पिस्टल से निशाना लगाया करते थे। जिसके बाद ही उन्हें अहसास हुआ कि उनका बेटा इस क्षेत्र में देश व परिवार का नाम रोशन कर सकता है।
दनिया भर में भारत का बढ़ाया मान
गगन नारंग ने शूटिंग के जरिए देश का नाम रोशन किया है। जिसके लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। साल 2003 रमें एफ्रो एशियन गेम्म में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। उस वक्त वो मजह 20 साल के थे। इसके बाद साल 2006 में मेलबर्न मे हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में चार स्वर्ण पदक जीतकर हिंदुस्तान का नाम रोशन किया।
गगन ने साल 2008 में बनाया विश्व रिकॉर्ड
साल 2008 में चीन में हुए निशानेबाजी विश्वकप में गोल्ड जीता। वहीं, बैंकाक में हुए ISSF वर्ल्ड कप में गगन नारंग ने गोल्ड मेडल जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। जिसके बाद वो इंटरनेशनल शूटिंग में 18वें पायदान से उपर आकर टॉप निशानेबाजों की लिस्ट में शुमार हो गए।
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साल 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स में गगन नारंग ने चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जिसके बाद गगन ऐसा कारनामा करने वाले पहले भारतीय भी बने। गगन नारंग के द्वारा निशानेबाजी में दिए गए योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें सम्मानित किया। 29 अगस्त 2011 को उन्हें भारत सरकार की तरफ से राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिया है। इसी साल उन्हें पद्म श्री अवार्ड भी दिया गया।
