young Indian cricketer (सोर्सः सोशल मीडिया)
India Cricket Talent: पडोसी ने हमसे कहा, “निशानेबाज, 15 वर्ष से भी कम आयु के वैभव सूर्यवंशी एक विस्फोटक बल्लेबाज हैं, जिन पर हमें नाज होना चाहिए। वैभव ने मुंबई में डीवाई पाटिल टी-20 टूर्नामेंट में इंडियन नेवी के खिलाफ खेलते हुए केवल 14 गेंदों में अर्धशतक बनाया। इस ओपनर ने 331 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। डीवाई पाटिल टीम के इस खिलाड़ी के सामने इंडियन नेवी के खिलाड़ी फीके नजर आए।”
हमने कहा, “वैभव नए भारत का वैभव है। इससे पहले भी उसने विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़ा था और 84 गेंदों में 190 रन ठोक दिए थे। इसके अलावा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 35 गेंदों में शतक बनाया था। उसकी आतिशी बल्लेबाजी देखकर प्रतिद्वंद्वी टीम गुजरात टाइटन्स के खिलाड़ी हक्के-बक्के रह गए थे। तब राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच राहुल द्रविड़ भी उसका खेल देखकर चकित रह गए और उन्होंने खड़े होकर ताली बजाई थी।”
हमने आगे कहा, “मोदी हैं तो मुमकिन है। नेहरू युग में अधिकांश क्रिकेट खिलाड़ी टुक-टुक खेलते थे, लेकिन अब चौका-छक्का लगाए बिना किसी को चैन नहीं है। भगवान राम की तरह वैभव भी सूर्यवंशी है। उसकी उपलब्धि पर कोई भी गर्व कर सकता है।”पड़ोसी ने कहा, “निशानेबाज, सूर्यवंशी वंश हमेशा से प्रतापी रहा है। भगवान राम के पूर्वज इक्ष्वाकु, हरिश्चंद्र, सगर, अंशुमान, भगीरथ, दिलीप, रघु, अज और दशरथ थे। यह सूर्यवंश की महान परंपरा है!”
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उन्होंने आगे कहा, “अमिताभ बच्चन की फिल्म सूर्यवंशम बार-बार टीवी पर दिखाई जाती है। वैभव सूर्यवंशी के खेल में भी मानो सौर ऊर्जा है। जब वह विजय हजारे ट्रॉफी और डीवाई पाटिल टीम की ओर से खेल चुका है, तो उसे महाराष्ट्र में आकर बस जाना चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस चाहें तो उसे बुलाकर एमओयू पर हस्ताक्षर करवा सकते हैं।” हमने कहा, “यदि मनसे प्रमुख राज ठाकरे से पूछा जाए, तो वह कहेंगे कि परप्रांतीय खिलाड़ी की इतनी चर्चा क्यों होनी चाहिए। सिर्फ मराठी मानुष की बात कीजिए।”
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा